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सावधान! नया सिम कार्ड खरीदना अब इतना आसान नहीं; इन 3 नियमों की अनदेखी की तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा, जान लें नया कानून

क्या आप नया सिम कार्ड खरीदने जा रहे हैं? संभल जाइए! 1 दिसंबर से लागू हुए नए सरकारी नियमों ने सिम कार्ड की खरीद-बिक्री के मायने बदल दिए हैं। केवाईसी (KYC) और डीलर वेरिफिकेशन से जुड़ी एक छोटी सी गलती अब आपको सीधे जेल पहुँचा सकती है। इन 3 बड़े बदलावों को विस्तार से यहाँ पढ़ें।

By Pinki Negi

सावधान! नया सिम कार्ड खरीदना अब इतना आसान नहीं; इन 3 नियमों की अनदेखी की तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा, जान लें नया कानून।
नया सिम कार्ड

देश में सिम कार्ड के जरिए बढ़ते अपराधों और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब सिम कार्ड खरीदना पहले की तरह आसान नहीं होगा, क्योंकि 1 दिसंबर से नए नियम पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं। नए कानूनों के तहत, सिम बेचने वाले डीलर्स का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है और थोक में सिम (Bulk KYC) खरीदने पर रोक लगा दी गई है। यदि कोई व्यक्ति फर्जी आईडी पर सिम कार्ड लेता है या इस प्रक्रिया में धोखाधड़ी करता पाया जाता है, तो उसे भारी जुर्माने के साथ सीधे जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखना है।

सिम डीलर्स के लिए पुलिस वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य

सिम कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने सबसे बड़ा प्रहार सिम कार्ड बेचने वाले नेटवर्क पर किया है। अब सिम बेचने वाले हर दुकानदार या एजेंट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसकी पूरी जिम्मेदारी टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel, VI) को सौंपी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि उनका हर डीलर पूरी तरह सत्यापित हो। यदि कोई कंपनी या डीलर बिना वेरिफिकेशन के सिम बेचता पाया जाता है, तो उस पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि अपराधियों तक फर्जी सिम की सप्लाई को पूरी तरह से काटा जा सके।

सिम कार्ड के नए नियम

सरकार ने सिम कार्ड जारी करने और उन्हें बंद करने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब अगर कोई ग्राहक अपने मौजूदा नंबर के लिए नया सिम कार्ड खरीदता है, तो उसे अपना आधार और डेमोग्राफिक डेटा (पहचान और पता) फिर से सत्यापित कराना होगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब थोक (Bulk) में सिम जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है; अब केवल रजिस्टर्ड व्यावसायिक कनेक्शन (Business Connections) के लिए ही अधिक सिम लिए जा सकते हैं।

इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि यदि कोई सिम कार्ड डी-एक्टिवेट या बंद होता है, तो वह नंबर 90 दिनों तक किसी दूसरे व्यक्ति को अलॉट नहीं किया जाएगा। वर्तमान नियमों के अनुसार, एक आईडी कार्ड पर अधिकतम 9 सिम कार्ड खरीदने की सीमा बरकरार रखी गई है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।