
उत्तर प्रदेश के मेधावी छात्रों को आर्थिक मदद देने के लिए सरकार ‘राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा’ (NTSE) की तर्ज पर एक नई राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति परीक्षा शुरू करने की तैयारी में है। मनोविज्ञानशाला द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव के अनुसार, कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा में सफल होने वाले होनहार विद्यार्थियों को कक्षा 10 से लेकर 12वीं तक हर महीने ₹1,000 या साल के कुल ₹12,000 का वजीफा दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ने में तेज बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
यूपी में ₹12,000 सालाना छात्रवृत्ति की नई पहल
मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह के अनुसार, गरीब और मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देने के लिए नई छात्रवृत्ति का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वर्तमान में मनोविज्ञानशाला ही ‘राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा’ का संचालन करती है, जिसके तहत यूपी के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के करीब 15,143 बच्चों को हर साल लाभ मिलता है। इस पुरानी व्यवस्था की तरह ही, नई योजना भी कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों को ₹1,000 मासिक या ₹12,000 वार्षिक वजीफा देकर उनकी शिक्षा की राह आसान बनाएगी।
NTSE परीक्षा में बदलाव की तैयारी
राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE), जो मार्च 2021 से रुकी हुई है, अब एक नए अवतार में वापसी करने के लिए तैयार है। शिक्षा मंत्रालय वर्तमान में इस योजना की समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद छात्रवृत्ति की राशि में बढ़ोतरी और परीक्षा के पुराने प्रारूप में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि सरकार ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की है, लेकिन यह मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है क्योंकि इसके तहत कक्षा 11वीं से लेकर पीएचडी (PhD) स्तर तक पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।









