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पुश्तैनी जमीन पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! केस के दौरान रिश्तेदारों ने चुपके से बेच दिया हिस्सा, तो क्या होगा? जान लीजिए क्या है कानून

क्या कोर्ट केस के बीच बिकी पुश्तैनी जमीन का सौदा वैध है? आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के इस बड़े फैसले में जानें 'लिस पेंडेंस' का वो नियम, जो विवादित जमीन खरीदने वालों की किस्मत तय करता है। खरीदार सावधान, कहीं आपकी मेहनत की कमाई कानूनी दांव-पेंच में न फंस जाए!

By Pinki Negi

पुश्तैनी जमीन पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! केस के दौरान रिश्तेदारों ने चुपके से बेच दिया हिस्सा, तो क्या होगा? जान लीजिए क्या है कानून
पुश्तैनी जमीन पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर एक बड़ा कानूनी फैसला सुनाया है। कोर्ट के अनुसार, यदि किसी जमीन पर अदालत में पहले से केस चल रहा है और उस दौरान कोई व्यक्ति उसे खरीदता है, तो उसे केस में अलग से पक्ष (Party) बनाने की जरूरत नहीं है। ‘लिस पेंडेंस’ (Lis Pendens) के कानूनी सिद्धांत के तहत, उस खरीदार पर कोर्ट का आखिरी फैसला अपने आप लागू होगा। यह फैसला 8 जनवरी 2026 को तीन भाइयों के बीच पुश्तैनी जमीन के विवाद की सुनवाई के दौरान दिया गया। इसका सीधा मतलब है कि विवादित जमीन खरीदने वाले अब केस की प्रक्रिया का हवाला देकर बच नहीं सकेंगे।

पुश्तैनी जमीन विवाद में जब तीसरे पक्ष की हुई एंट्री

यह मामला आंध्र प्रदेश के तीन भाइयों और उनके रिश्तेदारों के बीच एक पुश्तैनी जमीन के मालिकाना हक से शुरू हुआ। भाइयों ने अपने रिश्तेदारों को दखलंदाजी से रोकने के लिए अदालत से स्टे (निषेधाज्ञा) की मांग की थी। विवाद तब और उलझ गया जब केस चलने के दौरान ही एक रिश्तेदार ने अपनी कथित 50% हिस्सेदारी में से कुछ जमीन ‘मिस्टर रेड्डी’ नामक व्यक्ति को बेच दी। रिश्तेदारों का दावा था कि कुल 3.45 एकड़ जमीन में से आधा हिस्सा उनका है और वे उस पर काबिज हैं, इसी आधार पर उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही के बीच ही जमीन का सौदा कर लिया।

जमीन के खेल में सरकारी रिकॉर्ड ने खोली पोल

मामले में नया मोड़ तब आया जब रिश्तेदारों ने पहले तो जमीन बेचने से इनकार किया, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया कि उन्होंने अपने हिस्से की 50% जमीन मिस्टर रेड्डी को बेची है। 5 नवंबर 2018 को हुई इस रजिस्ट्री के बाद सरकारी रिकॉर्ड में भी खरीदार का नाम दर्ज हो गया था। इसी आधार पर तीनों भाइयों ने अदालत से मांग की थी कि मिस्टर रेड्डी को भी इस चल रहे केस में एक पक्ष (पार्टी) बनाया जाए ताकि विवाद का पूरी तरह निपटारा हो सके।

विवादित जमीन के खरीदार को केस में शामिल करना जरूरी नहीं

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने अनमैया जिले की एक पुश्तैनी जमीन के विवाद में भाइयों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वे बाहरी खरीदार (मिस्टर रेड्डी) को केस का हिस्सा बनाना चाहते थे। भाइयों का तर्क था कि चूंकि उनके रिश्तेदारों ने केस के दौरान ही जमीन मिस्टर रेड्डी को बेची है, इसलिए मामले के सही निपटारे के लिए उन्हें प्रतिवादी नंबर 7 के तौर पर शामिल करना जरूरी है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संपत्ति के मालिकाना हक की इस लड़ाई में नए खरीदार को अलग से पक्षकार बनाने की आवश्यकता नहीं है।

कोर्ट केस के बीच खरीदी जमीन पर लागू होगा अदालत का ही हुक्म

निचली अदालत और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट दोनों ने भाइयों की अर्जी खारिज करते हुए ‘लिस पेंडेंस’ (Lis Pendens) के नियम को आधार बनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब संपत्ति का मामला अदालत में हो, तो उस दौरान जमीन खरीदने वाला व्यक्ति केस के अंतिम फैसले से अपने आप बंध जाता है। उसे अलग से पक्षकार (Party) बनाना जरूरी नहीं है, क्योंकि उसके अधिकार पूरी तरह से कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करते हैं। इस फैसले के बाद, अब मुख्य केस खरीदार को शामिल किए बिना ही आगे बढ़ेगा।

विवादित जमीन खरीदने वालों के लिए ‘खतरे की घंटी’

‘लिस पेंडेंस’ एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ है— ‘कोर्ट में केस लंबित है।’ संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882 की धारा 52 के तहत यह नियम कहता है कि यदि आप ऐसी जमीन खरीदते हैं जिस पर पहले से मुकदमा चल रहा है, तो आप उस जमीन के साथ-साथ ‘जोखिम’ भी खरीद रहे हैं। कोर्ट का अंतिम फैसला जो भी होगा, वह खरीदार पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। खरीदार बाद में यह बहाना नहीं बना सकता कि उसे केस की जानकारी नहीं थी या वह केस का हिस्सा नहीं था।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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