
साहिबाबाद में बिजली विभाग उन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है जो अपने पड़ोसियों को अवैध तरीके से बिजली की सप्लाई दे रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने से निगम उन लोगों के कनेक्शन काट रहा है जिन्होंने बिल जमा नहीं किया है, लेकिन देखने में आया है कि ऐसे बकाएदार अपने पड़ोसियों से तार जोड़कर बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अब बिजली विभाग ने ऐसी चोरी पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं, जो किसी भी समय अचानक आपके घर का निरीक्षण (Checking) कर सकती हैं। यदि कोई भी व्यक्ति दूसरे के घर में अवैध बिजली सप्लाई देते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली बिल राहत योजना का लाभ उठाने का आखिरी मौका
विद्युत निगम द्वारा एक दिसंबर से ‘बिजली बिल राहत योजना’ चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को पुराने बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाना है। इस स्कीम के तहत बकाएदारों को ब्याज (सरचार्ज) में पूरे 100 प्रतिशत की माफी और मूलधन में भी 25 प्रतिशत तक की बड़ी छूट दी जा रही है। इतनी राहत मिलने के बावजूद कई बड़े बकाएदार अब भी बिल जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि छूट का लाभ न लेने वाले लोगों के खिलाफ आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
कटे हुए कनेक्शन पर भारी पड़ रही पड़ोसियों की मदद
बिजली विभाग बकाया बिल न भरने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रहा है, जिसके तहत पिछले डेढ़ महीने में एक हजार से ज्यादा बकाएदारों के कनेक्शन काट दिए गए हैं। हालांकि, विभाग के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है—सूचना मिली है कि जिन लोगों के कनेक्शन काटे गए हैं, वे अपने पड़ोसियों से अवैध रूप से बिजली लेकर काम चला रहे हैं। विभाग ने अब ऐसे ‘मददगार’ पड़ोसियों को भी चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जो नियमों का उल्लंघन कर दूसरों को बिजली बांट रहे हैं।
पड़ोसी को बिजली देना पड़ेगा महंगा
पड़ोसियों से अवैध बिजली लेकर बिल न भरने वाले बकाएदारों पर शिकंजा कसने के लिए विद्युत निगम ने कमर कस ली है। विभाग का कहना है कि लोग बकाया जमा करने के बजाय पड़ोसियों से तार जोड़कर काम चला रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इसे रोकने के लिए हर इलाके में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो कटे हुए कनेक्शन वाले घरों की अचानक जांच करेंगी। यदि किसी के घर में अवैध रूप से बिजली जलती पाई गई, तो बिजली देने वाले पड़ोसी के खिलाफ भी बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
हजारों बकाएदारों ने अभी तक नहीं किया आवेदन
बिजली बिल राहत योजना के तहत अब तक करीब 25 हजार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीकरण कराया है, जिससे विभाग को 28 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। हालांकि, अभी भी लगभग 15 हजार बड़े बकाएदार ऐसे हैं जिन्होंने इस भारी छूट का लाभ नहीं उठाया है। विभाग की टीमें वसूली के लिए घर-घर दस्तक दे रही हैं, फिर भी कई लोग आगे नहीं आ रहे।
ध्यान रहे कि योजना का दूसरा चरण 31 जनवरी तक ही चलेगा, जिसके बाद 1 फरवरी से अंतिम चरण शुरू होगा। यदि आप भी ब्याज और मूलधन में छूट पाना चाहते हैं, तो समय सीमा समाप्त होने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें।









