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गाड़ी मालिक ध्यान दें! क्या आपको पता है ‘थर्ड पार्टी बीमा’ के ये 5 जादुई फायदे? 50% लोग अब भी हैं अनजान, जानें क्यों है यह जरूरी

क्या आप भी उन 50% लोगों में शामिल हैं जो बिना सही बीमा के जोखिम उठा रहे हैं? थर्ड-पार्टी बीमा सिर्फ कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि लाखों की वित्तीय सुरक्षा का कवच है। जानें वो 5 जादुई फायदे जो किसी भी हादसे के समय आपको भारी आर्थिक और कानूनी संकट से बचा सकते हैं।

By Pinki Negi

गाड़ी मालिक ध्यान दें! क्या आपको पता है 'थर्ड पार्टी बीमा' के ये 5 जादुई फायदे? 50% लोग अब भी हैं अनजान, जानें क्यों है यह जरूरी।
‘थर्ड पार्टी बीमा’

सड़क पर सुरक्षित गाड़ी चलाना हर किसी की जिम्मेदारी है, लेकिन हादसों का कोई भरोसा नहीं होता। भारत में लगभग आधे वाहन मालिकों के पास थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं है, जिसका मुख्य कारण जानकारी का अभाव है। यह बीमा केवल कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आपको किसी दुर्घटना की स्थिति में दूसरे पक्ष को हुए नुकसान और कानूनी झंझटों से वित्तीय सुरक्षा देता है। एक छोटा सा हादसा भी आपको लाखों रुपये के मुआवजे के बोझ तले दबा सकता है, लेकिन थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस आपको इन भारी खर्चों और कानूनी जुर्माने से बचाकर मानसिक शांति प्रदान करता है।

क्या है थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस एक बेहद किफायती और जरूरी सुरक्षा कवच है, जिसकी सालाना कीमत 1500cc तक की कारों के लिए आमतौर पर 3,500 रुपये से भी कम होती है। कम कीमत के बावजूद, यह बीमा आपको और समाज के अन्य लोगों को बड़ी वित्तीय राहत देता है। लेकिन बहुत से लोग अब भी इस बात से अनजान हैं कि यह काम कैसे करता है और इसके क्या बड़े फायदे हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको विस्तार से बताएंगे कि यह बीमा आपके लिए क्यों अनिवार्य है और यह आपको किन कानूनी और आर्थिक मुसीबतों से बचाता है।

भारत में 50% से अधिक वाहनों का बीमा नहीं, दुर्घटना के समय बढ़ सकती है मुसीबत

IRDAI के जनवरी 2026 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत में आधे से ज्यादा वाहन मालिक बिना थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के गाड़ी चला रहे हैं। हालांकि कानूनन यह बीमा अनिवार्य है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह बीमा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो पीड़ितों को सही समय पर मुआवजा दिलाने और वाहन मालिक को कानूनी पेचीदगियों से बचाने में मदद करता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर जिम्मेदारी बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी हादसे की स्थिति में आर्थिक बोझ किसी एक व्यक्ति पर न पड़े।

क्या कवर होता है और इसकी सीमाएं क्या हैं

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में दूसरे व्यक्ति को हुए नुकसान की भरपाई करना है। इसमें किसी अन्य व्यक्ति की चोट, मृत्यु या उसकी संपत्ति (जैसे कार, बाइक या अन्य सामान) को होने वाले नुकसान की कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी बीमा कंपनी उठाती है। हालांकि, बहुत से लोग यह नहीं जानते कि यह बीमा खुद के वाहन की टूट-फूट, चोरी, आग या मालिक के व्यक्तिगत मेडिकल खर्चों को कवर नहीं करता है। यही कारण है कि क्लेम के समय कई लोगों को निराशा होती है। यह समझना बेहद जरूरी है कि यह केवल दूसरों के प्रति आपकी जिम्मेदारी को सुरक्षित करता है, आपके अपने वाहन को नहीं।

बिना थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस गाड़ी चलाना पड़ सकता है भारी

अगर आप बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के सड़क पर वाहन चलाते हैं, तो आपको गंभीर कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। नियम तोड़ने पर कम से कम ₹2,000 का जुर्माना लग सकता है, जो दोबारा गलती करने पर बढ़ता जाता है। इतना ही नहीं, आपको जेल भी हो सकती है और आपका ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है। सबसे बड़ा जोखिम तब होता है जब किसी हादसे की स्थिति में अदालत आपको लाखों रुपये का मुआवजा खुद अपनी जेब से भरने का आदेश दे देती है। इसलिए, अपनी सुरक्षा और कानून के पालन के लिए बीमा जरूर करवाएं।

बार-बार रिन्यू करने की झंझट और फालतू खर्च से पाएं मुक्ति

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की प्रीमियम दरें मोटर व्हीकल्स एक्ट और निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार तय की जाती हैं। यदि आप अपनी गाड़ी के लिए लंबी अवधि (Long Term) वाली पॉलिसी चुनते हैं, तो यह न केवल आपको हर साल रिन्यू कराने की परेशानी से बचाती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होती है। सालाना आधार पर बार-बार पॉलिसी लेने के मुकाबले लंबी अवधि का बीमा कुल मिलाकर काफी सस्ता पड़ता है, जिससे आपकी बचत भी होती है और सुरक्षा भी बनी रहती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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