
अगर आप साल 2026 में जमीन, मकान या कोई भी अचल संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धोखाधड़ी और बेनामी संपत्तियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों को सख्त कर दिया है। अब तहसील कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री के लिए 5 ऐसे दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया गया है, जिनके बिना आपकी फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी।
क्यों बदले गए रजिस्ट्री के नियम?
सरकार का मुख्य उद्देश्य जमीन विवादों को कम करना और भू-माफियाओं के जाल को खत्म करना है। नए नियमों के तहत अब डिजिटल वेरिफिकेशन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति एक ही जमीन को दो बार न बेच सके और फर्जी दस्तावेजों का खेल खत्म हो सके।
इन 5 डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट तुरंत नोट करें
रजिस्ट्री ऑफिस जाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्नलिखित 5 दस्तावेज तैयार हैं:
अपडेटेड भू-नक्शा और सीमांकन रिपोर्ट
अब केवल खसरा-खतौनी से काम नहीं चलेगा। रजिस्ट्री के साथ जमीन का डिजिटल मैप (Geo-referenced Map) लगाना अनिवार्य है। इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीन की सटीक लोकेशन और चौहद्दी (Boundaries) क्या है।
आधार लिंक पैन कार्ड और आय का स्रोत
वित्तीय पारदर्शिता के लिए खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार कार्ड पैन से लिंक होना चाहिए। यदि ट्रांजैक्शन एक निश्चित राशि (जैसे 50 लाख) से ऊपर है, तो आय का स्रोत (Source of Income) बताना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
पिछले 13 सालों का ‘नॉन-एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट’ (EC)
यह दस्तावेज इस बात का सबूत है कि जिस जमीन को आप खरीद रहे हैं, उस पर कोई पुराना बैंक लोन, कानूनी विवाद या बकाया टैक्स नहीं है। सरकार ने अब 13 साल का रिकॉर्ड (Link Documents) अनिवार्य कर दिया है।
स्थानीय निकाय से ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट (NOC)
चाहे जमीन ग्रामीण इलाके की हो या शहरी, आपको संबंधित पंचायत या नगर निगम से ‘No Dues Certificate’ लेना होगा। यह प्रमाणित करता है कि संपत्ति पर कोई हाउस टैक्स या विकास शुल्क बकाया नहीं है।
गवाहों का ई-केवाईसी (e-KYC)
2026 के नियमों के अनुसार, रजिस्ट्री के समय मौजूद रहने वाले दो गवाहों का भी आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) मौके पर ही किया जाएगा। गवाहों की पहचान अब केवल फोटो से नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक से सुनिश्चित की जाएगी।
2026 के अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
- कैश ट्रांजैक्शन पर रोक: रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत का भुगतान पूरी तरह से डिजिटल या चेक के माध्यम से होना चाहिए। नकद लेनदेन पाए जाने पर रजिस्ट्री अमान्य घोषित की जा सकती है।
- स्लॉट बुकिंग अनिवार्य: अब आपको रजिस्ट्री के लिए पहले से ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ‘टाइम स्लॉट’ बुक करना होगा। बिना अपॉइंटमेंट के सीधे दफ्तर जाने पर काम नहीं होगा।
- वीडियो रिकॉर्डिंग: रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और इसे क्लाउड सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा।









