Tags

Railway Rule Change: अब RAC टिकट नहीं! स्लीपर के लिए न्यूनतम 200 KM का किराया अनिवार्य

रेलवे का बड़ा फैसला! अमृत भारत II एक्सप्रेस से RAC सिस्टम खत्म कर दिया गया है, जिसका मतलब है अब सिर्फ कंफर्म सीट का ही मजा मिलेगा। लेकिन क्या आपको पता है कि छोटी दूरी के सफर पर भी अब भारी किराया देना होगा? जानें रेलवे के इन नए और चौंकाने वाले नियमों के बारे में।

By Pinki Negi

Railway Rule Change: अब RAC टिकट नहीं! स्लीपर के लिए न्यूनतम 200 KM का किराया अनिवार्य
Railway Rule Change

भारतीय रेलवे ने अपनी आधुनिक और प्रीमियम ट्रेन ‘अमृत भारत II एक्सप्रेस’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड के नए सर्कुलर के अनुसार, इन ट्रेनों में सफर करने के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर RAC (आरएसी) सीटों की बुकिंग और यात्रा के न्यूनतम किराए पर पड़ेगा। रेलवे के इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के सफर को और बेहतर बनाना है, हालांकि इसका सीधा असर उनकी जेब पर भी देखने को मिलेगा।

अमृत भारत II एक्सप्रेस में खत्म हुआ RAC का झंझट

भारतीय रेलवे ने अमृत भारत II एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन ट्रेनों में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। अक्सर ट्रेनों में एक ही बर्थ पर दो यात्रियों को बैठकर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सिस्टम खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यात्रियों को या तो पूरी तरह कंफर्म सीट मिलेगी या फिर उनका टिकट वेटिंग में रहेगा। इस बदलाव का मुख्य मकसद यात्रियों को सफर के दौरान पूरी बर्थ और बेहतर आराम देना है।

कम दूरी के सफर के लिए भी देना होगा न्यूनतम किराया

रेलवे ने अमृत भारत II के स्लीपर क्लास में यात्रा करने के लिए किराए के नए नियम तय किए हैं। अब इस ट्रेन में कम से कम 200 किलोमीटर का किराया देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यदि कोई यात्री महज 50 या 100 किलोमीटर जैसी छोटी दूरी का टिकट बुक करता है, तब भी उसे 200 किलोमीटर तक की यात्रा के बराबर ही पैसे खर्च करने होंगे। रेलवे ने यह कदम छोटी दूरी के यात्रियों की भीड़ कम करने और लंबी दूरी के मुसाफिरों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया है।

स्लीपर और जनरल क्लास का नया किराया

रेलवे ने अमृत भारत II एक्सप्रेस के लिए न्यूनतम दूरी और बेस फेयर (आधार किराया) तय कर दिया है। स्लीपर क्लास के लिए कम से कम 200 किमी की दूरी और 149 रुपये बेस फेयर देना होगा। वहीं, सेकंड क्लास (अनारक्षित) के लिए न्यूनतम दूरी 50 किमी और बेस फेयर लगभग 36 रुपये रखा गया है। ध्यान रहे कि इस आधार किराए के अलावा यात्रियों को रिजर्वेशन चार्ज, सुपरफास्ट चार्ज और लागू होने वाला जीएसटी अलग से देना होगा।

कोटे में बदलाव और लोअर बर्थ पर वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता

रेलवे ने अमृत भारत II ट्रेनों के लिए आरक्षण नियमों को और भी स्पष्ट कर दिया है। अब इन ट्रेनों में केवल तीन मुख्य श्रेणियों को ही विशेष कोटा मिलेगा: महिला, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक। सफर को आरामदायक बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक के पुरुष और 45 वर्ष से अधिक की महिलाएं) के लिए लोअर बर्थ को प्राथमिकता दी गई है। टिकट बुक करते समय रेलवे का कंप्यूटर सिस्टम खुद-ब-खुद उन्हें निचली बर्थ आवंटित करने की कोशिश करेगा, ताकि उन्हें सफर में कोई परेशानी न हो।

यात्रियों के लिए सुविधा और चुनौतियां

रेलवे का यह नया फैसला अमृत भारत ट्रेनों को एक प्रीमियम और खास पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। जहाँ RAC सिस्टम खत्म होने से कंफर्म टिकट वाले यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और सुकून भरा होगा, वहीं वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए अब कंफर्म सीट पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। साथ ही, 200 किमी का न्यूनतम किराया लागू होने से उन लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा जो छोटी दूरी के लिए इन आधुनिक ट्रेनों का उपयोग करना चाहते थे।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें