
माता-पिता के तौर पर हम सब अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहते हैं। कल्पना कीजिए, बच्चे के जन्म से ही हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये जमा कर दें, और 60 साल बाद वो रकम 11 करोड़ 57 लाख तक पहुंच जाए! जी हां, ये कोई जादू नहीं, बल्कि सरकार की NPS वात्सल्य योजना का कमाल है। ये योजना बच्चों के सुनहरे कल के लिए एक ऐसा निवेश है जो चक्रवृद्धि ब्याज के दम पर छोटी-छोटी बचत को करोड़ों में बदल देती है। आइए, इस योजना को करीब से समझते हैं, जैसे कोई दोस्त बता रहा हो।
NPS वात्सल्य योजना क्या है?
दोस्तों, NPS वात्सल्य असल में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का एक खास वर्जन है, जो खासतौर पर बच्चों के लिए बनाया गया है। माता-पिता या कोई अभिभावक अपने बच्चे के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं। बच्चा अभी छोटा है, चाहे शिशु ही क्यों न हो, लेकिन ये अकाउंट उसके नाम पर चलेगा। जब बच्चा बड़ा हो जाएगा, तो वो खुद इसे मैनेज कर सकेगा। ये योजना PFRDA यानी पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के सख्त नियमन में चलती है, तो सुरक्षा की चिंता बिल्कुल मत कीजिए। सरकारी बैकिंग के साथ ये आपके बच्चे के रिटायरमेंट या भविष्य की प्लानिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
इतना बड़ा रिटर्न कैसे मिलेगा?
सबसे बड़ा सवाल तो यही है ना – 1,000 रुपये महीने से 11 करोड़ कैसे? देखिए, अगर आप बच्चे के जन्म से ही हर महीना 1,000 रुपये जमा करें, यानी कुल 7.20 लाख रुपये 60 साल में, और अगर निवेश पर सालाना 14% का अनुमानित रिटर्न मिले (जो इक्विटी ऑप्शन से संभव है), तो चक्रवृद्धि ब्याज का जादू चलेगा। compounding का मतलब है कि ब्याज पर भी ब्याज लगता जाता है, जैसे बर्फ का गोला लुढ़कता हुआ पहाड़ी से बड़ा होता चला जाता है।
छोटी रकम लंबे समय तक निवेश रहने पर इतनी तेजी से बढ़ती है कि आंखें फटी रह जाएंगी। हां, रिटर्न गारंटीड नहीं है, मार्केट पर निर्भर करता है, लेकिन ऐतिहासिक डेटा देखें तो 12-15% आसानी से संभव है।
निवेश कैसे करें और कितना?
योजना में शुरूआत बहुत आसान है। न्यूनतम 1,000 रुपये महीना या सालाना 1,000 रुपये से शुरु कर सकते हैं। पैसे जमा करने का तरीका लचीला है – मासिक, तिमाही या सालाना। आप इक्विटी (शेयर बाजार), गवर्नमेंट सिक्योरिटीज या डेट फंड्स में चुन सकते हैं। अगर रिस्क लेने को तैयार हैं, तो इक्विटी चुनें जो ज्यादा रिटर्न देती है। शुरु में अभिभावक सबकुछ कंट्रोल करेंगे, लेकिन बच्चा 18 साल का होते ही अकाउंट उसके नाम ट्रांसफर हो जाएगा। ये लंबी अवधि का निवेश है, तो जल्दबाजी न करें, धैर्य रखें।
टैक्स में बचत और सुरक्षा का फायदा
NPS वात्सल्य के साथ टैक्स के बोझ से भी राहत मिलती है। धारा 80C के तहत हर साल 1.5 लाख तक की कटौती क्लेम कर सकते हैं। मैच्योरिटी पर 60% तक टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं, बाकी पेंशन के लिए। सुरक्षा की बात करें तो PFRDA का रेगुलेशन इसे सरकारी योजनाओं जितना भरोसेमंद बनाता है। कोई फ्रॉड का डर नहीं, सब ट्रांसपेरेंट है। लाखों परिवार पहले से NPS में हैं, और ये बच्चों के लिए इसका एक्सटेंशन है।
अकाउंट कैसे खोलें? स्टेप बाय स्टेप
अब आता है प्रैक्टिकल पार्ट। अकाउंट खोलना बिल्कुल सिंपल है। नजदीकी बैंक, पोस्ट ऑफिस या PFRDA के पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) पर जाएं। ऑनलाइन eNPS पोर्टल से भी कर सकते हैं। जरूरी डॉक्यूमेंट्स? बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और अभिभावक का आधार या पैन कार्ड। फॉर्म भरें, KYC पूरा करें, और बस! 15-20 मिनट में काम हो जाएगा। अगर ऑनलाइन पसंद है, तो वेबसाइट पर रजिस्टर करें और डिजिटल तरीके से सब सेट हो जाएगा।
क्यों चुनें ये योजना बच्चों के लिए?
दोस्तों, आज की महंगाई में कल का खर्च दोगुना हो जाएगा। स्कूल, कॉलेज, शादी, घर – सबके लिए पैसा चाहिए। NPS वात्सल्य जैसी योजना से आप अभी छोटी शुरुआत कर बच्चे को करोड़पति बना सकते हैं। ये सिर्फ बचत नहीं, बल्कि स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग है। अगर आप मिडिल क्लास फैमिली से हैं, तो ये आपके लिए गोल्डन चांस है। देर न करें, आज ही चेक करें और शुरू करें। बच्चे का भविष्य आपकी जिम्मेदारी है, और ये योजना उसे मजबूत बनाएगी।









