
आजकल नौकरी की तलाश में भटकते युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस दर्द को समझा और बेरोजगारी भत्ता योजना लॉन्च कर दी। ये योजना खासतौर पर 20 से 35 साल के उन युवाओं के लिए है जो बेरोजगार हैं और परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं। सरकार का मकसद सिर्फ पैसे देना नहीं, बल्कि उन्हें स्किल सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका देना भी है। सोचिए, दो साल तक हर महीने पैसे मिलें तो कितना फर्क पड़ेगा जिंदगी में!
योजना क्या है और क्यों जरूरी?
हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में नौकरियां कम हैं, वहां के नौजवान शहरों की ओर रुख करते हैं लेकिन सफलता नहीं मिलती। इसी समस्या से निपटने के लिए ये भत्ता योजना शुरू हुई। योग्य बेरोजगारों को दो साल तक मासिक मदद मिलेगी। सामान्य युवाओं को 1000 रुपये महीना और अगर आप दिव्यांग हैं (50% से ज्यादा) तो 1500 रुपये। कुल मिलाकर दो साल में 24,000 से 36,000 रुपये तक की सहायता। ये पैसे डायरेक्ट बैंक अकाउंट में आएंगे, ताकि आप बिना परेशानी के खर्च चला सकें और फ्री टाइम में कोर्सेज या ट्रेनिंग पर ध्यान दें। सरकार कह रही है, “नौकरी ढूंढो, लेकिन स्किल भी बनाओ।”
कौन ले सकता है ये लाभ?
दोस्तों, ये योजना सिर्फ हिमाचल के मूल निवासियों के लिए है। उम्र 20 से 35 साल के बीच होनी चाहिए। पढ़ाई में कम से कम 12वीं पास होना जरूरी। परिवार की सालाना कमाई 2 लाख रुपये से कम हो। रोजगार कार्यालय में कम से कम एक साल पहले से रजिस्टर्ड होना पड़ेगा। सबसे बड़ी बात, आपके पास अभी कोई जॉब न हो, न ही कोई बिजनेस। अगर सरकारी नौकरी से निकाले गए हो या क्रिमिनल रिकॉर्ड है, तो ये मौका हाथ नहीं आएगा। दिव्यांग युवाओं को एक्स्ट्रा भत्ता मिलेगा, जो वाकई इंसानियत की मिसाल है। अगर ये शर्तें मैच करती हैं, तो बस आवेदन करो!
कितनी मदद मिलेगी और कैसे?
सामान्य कैटेगरी में 1000 रुपये हर महीना, यानी साल में 12,000। दो साल पूरे करने पर 24,000 रुपये। दिव्यांग भाई-बहनों को 1500 महीना, कुल 36,000 तक। ये रकम आपके बैंक में ट्रांसफर हो जाएगी, कोई लाइन में न लगनी पड़े। फायदा ये कि आपका टाइम वेस्ट नहीं होगा। इसके बजाय ऑनलाइन कोर्सेज करें, लोकल ट्रेनिंग सेंटर्स ज्वाइन करें।
हिमाचल सरकार स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स भी चला रही है, जो इस भत्ते के साथ मैच करते हैं। कई युवा इसी मदद से आईटीआई कोर्सेज कर चुके हैं और अब जॉब पा चुके हैं।
आवेदन कैसे करें, स्टेप बाय स्टेप?
आवेदन करना बहुत आसान है, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से। सबसे पहले हिमाचल प्रदेश श्रम एवं रोजगार विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘Unemployment Allowance’ सेक्शन में ‘Eligibility Check’ का ऑप्शन मिलेगा। अपना रोजगार पंजीकरण नंबर डालें। अगर योग्य पाए गए, तो ‘Apply Now’ पर क्लिक करके फॉर्म भरें।
आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स, निवास प्रमाण पत्र, 12वीं की मार्कशीट जैसी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म प्रिंट करके साइन करें और नजदीकी रोजगार कार्यालय में जमा कर दें। वेरीफिकेशन के बाद 15-30 दिनों में भुगतान शुरू। अगर ऑफलाइन पसंद है, तो डायरेक्ट रोजगार कार्यालय जाकर फॉर्म लें। कोई फीस नहीं, सब फ्री!
योजना से क्या बदलेगा हिमाचल का भविष्य?
ये योजना न सिर्फ तात्कालिक राहत देगी, बल्कि लंबे समय में हिमाचल को स्किल्ड वर्कफोर्स देगी। कल्पना कीजिए, हजारों युवा ट्रेंड स्किल्स सीखकर लोकल इंडस्ट्रीज में लग जाएं। टूरिज्म, एग्रीकल्चर, आईटी सेक्टर में नई जान फूंक आएगी। सरकार ने बजट भी अलॉट किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कवर हों। लेकिन सफलता आप पर निर्भर। आवेदन करो, स्किल सीखो और आगे बढ़ो। अगर आप हिमाचल के हैं, तो ये मौका मत छोड़ना। आज ही चेक करो अपनी एलिजिबिलिटी!









