
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए योगी सरकार ने एक नया और सख्त नियम लागू किया है। अब राज्य में कोई भी नई मोटरसाइकिल या स्कूटी खरीदने पर ग्राहक को दो ISI मार्क वाले हेलमेट लेना अनिवार्य होगा—एक चालक के लिए और दूसरा पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए।
इन दोनों हेलमेट की कीमत वाहन खरीदने वाले को ही चुकानी होगी और शोरूम डीलर्स के लिए यह हेलमेट देना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, यातायात नियमों को और कड़ा करते हुए सरकार ने साफ किया है कि बिना हेलमेट पकड़े जाने पर ₹1000 का जुर्माना लगेगा और चालक का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
UP में अब हेलमेट नियम पर सख्ती
उत्तर प्रदेश की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने राज्य के सभी वाहन डीलरों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों की बिक्री न की जाए। हालांकि ऐसा नियम पहले भी था, लेकिन असरदार न होने के कारण अब इसे पूरी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करना है, क्योंकि दुर्घटनाओं के कारण न केवल कीमती जानें जाती हैं, बल्कि सरकार पर मुआवजे का भारी आर्थिक बोझ भी पड़ता है। अब इस कानून को कड़ाई से लागू कर योगी सरकार सुरक्षित सफर और सरकारी संसाधनों की बचत, दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सड़क सुरक्षा पर सीएम योगी का ‘एक्शन प्लान’
उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं। उन्होंने लगातार कई उच्चस्तरीय बैठकें कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि केवल हेलमेट ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक के हर नियम का जमीन पर पालन होना चाहिए। सीएम के प्लान में सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नलों को आधुनिक बनाना, हादसों वाले ‘ब्लैक स्पॉट’ (जहाँ सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं) की पहचान कर उन्हें ठीक करना और वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण करना शामिल है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि तकनीक और सख्ती के तालमेल से ही यूपी की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
RTO पोर्टल पर अपलोड होगी हेलमेट की रसीद
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने राज्य सरकार के निर्देशों को लागू करते हुए सभी दोपहिया वाहन विक्रेताओं के लिए दो ISI मार्क वाले हेलमेट देना अनिवार्य कर दिया है। अब केवल हेलमेट देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय हेलमेट खरीदने का प्रमाण पत्र और रसीद ‘वाहन पोर्टल’ पर अपलोड करनी होगी।
परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पीछे बैठने वाले यात्रियों में हेलमेट लगाने की आदत बहुत कम है, जिसे सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इन हेलमेटों की कीमत वाहन खरीदार को ही चुकानी होगी, लेकिन बिना इनके अब गाड़ी का पंजीकरण (Registration) संभव नहीं होगा।
बिना हेलमेट के 70% मौतें, अब सरकार नहीं करेगी सुरक्षा से समझौता
परिवहन आयुक्त ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं और ‘रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया 2023’ की डरावनी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कड़े रुख के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कुल हादसों में लगभग 45% हादसे दोपहिया वाहनों के थे, जिनमें 54,000 से अधिक लोगों ने जान गंवाई।
चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों में 70% हिस्सेदारी दोपहिया सवारों की है, जिसका मुख्य कारण चालक और पीछे बैठे व्यक्ति द्वारा हेलमेट न पहनना है। इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए और सुप्रीम कोर्ट की 7 अक्टूबर 2025 की सख्त टिप्पणी के बाद, योगी सरकार ने अब जनता की सुरक्षा के लिए दो हेलमेट के नियम को अनिवार्य रूप से लागू करने का बड़ा निर्णय लिया है।









