
योगी सरकार उत्तर प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाकर सफर को लगातार सुगम बना रही है। बरेली-सितारगंज हाईवे के बाद अब सरकार ने बरेली-ललितपुर कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए बरेली सीधे गंगा और यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने से उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक का आवागमन न केवल तेज होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। अब बरेली के लोग बेहद कम समय में लंबी दूरियाँ तय कर सकेंगे।
गूगल मैप से तैयार हुआ खाका, इन शहरों से होकर गुजरेगा रास्ता
बरेली-ललितपुर कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ने जा रहा है। यह नया रूट बरेली से शुरू होकर कासगंज, आगरा, ग्वालियर और झांसी होते हुए ललितपुर तक पहुँचेगा। दिलचस्प बात यह है कि इस बड़े प्रोजेक्ट का शुरुआती प्रस्ताव मुख्यालय स्तर पर गूगल मैप की सहायता से तैयार किया गया है। हालांकि, बरेली मंडल में इस कॉरिडोर का सटीक रास्ता और स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर स्थानीय लोक निर्माण विभाग और NHAI के अधिकारियों को अभी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जल्द ही जमीनी सर्वे के बाद इस शानदार सफर की पूरी रूपरेखा साफ हो जाएगी।
बरेली बनेगा यूपी का सबसे बड़ा रोड कनेक्टिविटी हब
बरेली अब उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में उभरने वाला है। बरेली-मथुरा हाईवे को पहले ही सिक्सलेन किया जा रहा है, जो आगे चलकर बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे और मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही, उत्तर में बरेली-सितारगंज हाईवे उत्तराखंड को जोड़ेगा, जबकि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे से पूर्व और पश्चिम का सफर आसान हो जाएगा। लखनऊ-दिल्ली हाईवे से पहले ही जुड़े बरेली के लिए ये नए कॉरिडोर उत्तर से दक्षिण तक सीधा और तेज रास्ता खोल देंगे, जिससे यह शहर पूरे प्रदेश के व्यापार और यातायात का मुख्य केंद्र बन जाएगा।
जल्द शुरू होगा बरेली-ललितपुर नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को अपनी सहमति दे दी है, जिससे इस बड़ी परियोजना के धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। अब सरकार इसे कैबिनेट में पेश कर अंतिम मंजूरी दिलाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, मुख्यालय स्तर पर तेजी से बढ़ रही इस योजना को लेकर अभी स्थानीय लोक निर्माण विभाग (PWD) और NHAI के अधिकारी विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कैबिनेट से पास होते ही इस कॉरिडोर का नक्शा और निर्माण की समय-सीमा स्पष्ट हो जाएगी, जो बरेली समेत पूरे प्रदेश के लिए विकास की नई राह खोलेगा।
स्थानीय अधिकारियों को अभी मुख्यालय से निर्देशों का इंतज़ार
बरेली-ललितपुर कॉरिडोर को लेकर चर्चाएं तो तेज हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोक निर्माण विभाग (PWD) और NHAI के अधिकारियों के पास अभी तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं पहुंची है। PWD के अधिशासी अभियंता और मुख्य अभियंता का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव यहां से नहीं भेजा गया है और न ही अभी तक शासन से कोई दिशा-निर्देश मिले हैं। वहीं, NHAI के अधिकारियों के अनुसार, जहां गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे का काम प्रक्रिया में है, वहीं इस नए कॉरिडोर को लेकर मुख्यालय से आदेश आने का इंतजार है। स्पष्ट है कि योजना अभी शुरुआती चरण में है और जल्द ही शासन स्तर से विस्तृत खाका साझा किया जा सकता है।









