
आपका क्रेडिट स्कोर पूरी तरह से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर निर्भर करता है। जब भी आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपकी इसी रिपोर्ट को देखकर यह तय करते हैं कि आप पैसा चुकाने के लायक हैं या नहीं। कई बार बैंक या क्रेडिट एजेंसी की तकनीकी गलती की वजह से आपकी रिपोर्ट में गलत जानकारी दर्ज हो जाती है, जिसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर को गिरा देता है।
एक खराब स्कोर की वजह से आपका लोन रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी रिपोर्ट को समय-समय पर चेक करें और किसी भी गलती को तुरंत ठीक करवाएं ताकि आपको भविष्य में वित्तीय परेशानी न हो।
क्रेडिट रिपोर्ट की गलतियाँ कैसे पकड़ें
क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आखिर गड़बड़ी कहाँ है। इसके लिए आपको CIBIL, CRIF या High Mark जैसी आधिकारिक वेबसाइटों से अपनी रिपोर्ट डाउनलोड करनी होगी। रिपोर्ट हाथ में आने के बाद, जासूस की तरह अपनी हर जानकारी को बारीकी से जाँचें।
क्या कोई ऐसा लोन दिख रहा है जो आपने कभी लिया ही नहीं? क्या आपके पुराने क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने के बाद भी उसे ‘पेंडिंग’ दिखाया जा रहा है? नाम, पता, पैन कार्ड नंबर से लेकर लोन की एक-एक किश्त तक, अगर कहीं भी कोई अंतर दिखे तो उसे तुरंत मार्क कर लें। यही वो गलतियाँ हैं जिन्हें ठीक कराकर आप अपना स्कोर बढ़ा सकते हैं।
क्रेडिट रिपोर्ट में गलती सुधारने के स्टेप-बाय-स्टेप पॉइंट्स
- दस्तावेज तैयार रखें: सबसे पहले गलती को साबित करने वाले सबूत जैसे बैंक का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (NDC), बैंक स्टेटमेंट या लोन क्लोजर लेटर इक्ट्ठा करें।
- ऑनलाइन डिस्प्यूट पोर्टल: संबंधित क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और ‘Raise a Dispute’ या ऑनलाइन डिस्प्यूट सेक्शन पर क्लिक करें।
- गलती की पहचान: फॉर्म में उस विशिष्ट जानकारी या लोन अकाउंट को चुनें जिसमें गड़बड़ी है।
- प्रूफ अपलोड करें: अपनी शिकायत के समर्थन में तैयार किए गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- जांच प्रक्रिया (Investigation): शिकायत दर्ज होने के बाद क्रेडिट ब्यूरो आपके बैंक से संपर्क करता है और दी गई जानकारी को वेरिफाई करता है।
- 30 दिनों का समय: नियम के अनुसार, क्रेडिट ब्यूरो को आपकी शिकायत पर 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर उसे अपडेट करना होता है।
- अपडेटेड रिपोर्ट: जांच सफल होने पर आपकी रिपोर्ट से गलत डेटा हटा दिया जाता है और आपका क्रेडिट स्कोर फिर से बढ़ जाता है।
कितना सिबिल स्कोर है आपके लिए परफेक्ट? जानें अलग-अलग रेंज का मतलब
लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आपका सिबिल स्कोर सबसे बड़ा पैमाना होता है। बैंक इस स्कोर के आधार पर ही तय करते हैं कि आप भरोसेमंद उधारकर्ता हैं या नहीं। यहाँ विभिन्न सिबिल स्कोर रेंज का विश्लेषण दिया गया है:
सिबिल स्कोर की विभिन्न श्रेणियाँ
- 300 से 549 (बहुत खराब): यह एक लो रेंज स्कोर है। यह दर्शाता है कि आपने पिछली किश्तें या बिल समय पर नहीं भरे हैं। इस स्थिति में लोन मिलना या क्रेडिट कार्ड मिलना बहुत मुश्किल होता है।
- 550 से 649 (औसत): इसे एक मध्यम रेंज माना जाता है। बैंक आपको लोन तो दे सकते हैं, लेकिन ब्याज दर काफी अधिक वसूलेंगे। साथ ही, क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स और फायदे भी कम होंगे।
- 650 से 749 (अच्छा): इसे एक अच्छा स्कोर माना जाता है। यह दिखाता है कि आप अपने बिलों का भुगतान समय पर कर रहे हैं। हालांकि, आपको इसे 750 के पार ले जाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि बेहतरीन ऑफर्स मिल सकें।
- 750 से 900 (सबसे शानदार): यह बेस्ट स्कोर है। इस रेंज में बैंक आपको बहुत आसानी से लोन दे देते हैं। आप बैंक से ब्याज दर कम करने (Bargaining) के लिए बात भी कर सकते हैं और आपको प्रीमियम क्रेडिट कार्ड के ढेरों फायदे मिलते हैं।









