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मशरूम वेज है या नॉन-वेज? वैज्ञानिकों ने दूर की सालों पुरानी गलतफहमी

क्या मशरूम वाकई एक सब्जी है, या इसके पीछे का विज्ञान कुछ और ही कहता है? स्वाद में मीट जैसा और दिखने में सब्जी जैसा—मशरूम को लेकर मचे घमासान पर अब वैज्ञानिकों ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। जानें मशरूम का असली सच और इसे खाने से जुड़े सभी भ्रमों का समाधान।

By Pinki Negi

मशरूम वेज है या नॉन-वेज? वैज्ञानिकों ने दूर की सालों पुरानी गलतफहमी
मशरूम

सोशल मीडिया और खान-पान की दुनिया में मशरूम हमेशा से बहस का विषय रहा है। लोग अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि इसे शाकाहार (Veg) माना जाए या मांसाहार (Non-Veg), क्योंकि इसका स्वाद और बनावट मीट जैसी होती है लेकिन यह दिखता सब्जी जैसा है। वैज्ञानिकों ने अब इस पर स्थिति साफ कर दी है।

वैज्ञानिक नजरिए से मशरूम न तो पौधा है और न ही जानवर; यह ‘फंगस’ (Fungi) की श्रेणी में आता है। चूँकि इसमें किसी भी तरह का मांस, हड्डी या जानवर के अंश नहीं होते, इसलिए इसे 100% शाकाहार माना जाता है। यह जमीन से उगता है और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, जिसके कारण इसे दुनिया भर के शाकाहारी लोग बड़े चाव से खाते हैं।

विज्ञान की नज़र में आखिर क्या है मशरूम?

मशरूम को लेकर अक्सर लोग इसे सब्जी या मांस की श्रेणी में फिट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन विज्ञान इसे बिल्कुल अलग मानता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, मशरूम न तो पौधों (Plants) की श्रेणी में आता है और न ही जानवरों (Animals) की। यह एक विशेष जैविक वर्ग का हिस्सा है जिसे ‘फंजाई’ (Fungi) कहा जाता है।

इसी वर्ग में हम यीस्ट और मोल्ड को भी रखते हैं। जैविक रूप से मशरूम एक स्वतंत्र जीव है, जो ज़मीन या लकड़ियों पर उगता है। हालाँकि यह बनावट में पौधों जैसा नहीं है, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार का मांस या पशु अंश न होने के कारण इसे मांसाहार कहना गलत होगा। यह प्रकृति का एक अनूठा उपहार है जिसे विज्ञान ने अपनी एक अलग और खास पहचान दी है।

बिना धूप के उगने वाला ‘जादू’

पौधों और मशरूम के बीच का सबसे बड़ा अंतर उनकी खुराक है। जहाँ आम पौधों को जीवित रहने के लिए सूरज की रोशनी और क्लोरोफिल की ज़रूरत होती है, वहीं मशरूम बिना धूप के अंधेरे में भी फल-फूल सकता है। इसमें क्लोरोफिल नहीं होता, इसलिए यह अपना खाना खुद बनाने के बजाय मरी हुई पत्तियों, लकड़ियों और पेड़ों के अवशेषों से पोषण सोखता है।

पोषण लेने का यह तरीका कुछ हद तक जानवरों जैसा (दूसरों पर निर्भर) जरूर लगता है, जिसके कारण लोग इसे नॉन-वेज समझने की गलती कर बैठते हैं। लेकिन असल में यह केवल प्रकृति का एक रीसाइक्लिंग सिस्टम है, जो सड़ने वाली चीजों को सोखकर हमें एक सेहतमंद आहार देता है।

क्यों मशरूम है मीट का सबसे बेहतरीन और हेल्दी विकल्प

भले ही विज्ञान मशरूम को एक अलग श्रेणी में रखता हो, लेकिन खान-पान की दुनिया में इसे 100% शाकाहारी और वेगन (Vegan) माना जाता है। इसके उगने से लेकर तैयार होने तक किसी भी जानवर या पशु उत्पाद की ज़रूरत नहीं पड़ती। मशरूम न केवल सुरक्षित है, बल्कि सेहत का खजाना भी है; इसमें प्रोटीन, विटामिन B, विटामिन D और सेलेनियम जैसे दुर्लभ पोषक तत्व पाए जाते हैं। अपनी इसी खूबी और ‘मीट जैसे स्वाद’ के कारण इसे मांसाहार का सबसे स्वस्थ विकल्प माना जाता है। आज दुनिया भर के शाकाहारी और वेगन लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए बेझिझक मशरूम का लुत्फ उठा रहे हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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