
अगर आप Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आपके लिए कुछ कड़े नियम लागू हो चुके हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और RBI ने डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने और बैंकिंग सर्वर पर बोझ कम करने के लिए ये बड़े बदलाव किए हैं। इन नियमों की अनदेखी आपके अकाउंट को ब्लॉक करा सकती है।
इन गलतियों से ब्लॉक हो सकता है आपका अकाउंट
1. बैलेंस चेक करने की डेली लिमिट (Balance Check Limit)
अब आप दिन भर में जितनी बार चाहें उतनी बार अपना बैंक बैलेंस चेक नहीं कर पाएंगे। नए नियमों के मुताबिक, एक यूजर एक दिन में अधिकतम 50 बार ही अपना बैलेंस चेक कर सकता है। इससे ज्यादा बार कोशिश करने पर उस ऐप पर बैलेंस चेक करने की सुविधा को अस्थाई रूप से ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह कदम बैंकिंग सर्वर पर ट्रैफिक कम करने के लिए उठाया गया है।
2. नए अकाउंट पर 24 घंटे का लॉक-इन पीरियड
अगर आपने नया यूपीआई रजिस्ट्रेशन किया है या अपना फोन बदला है, तो पहले 24 घंटों तक आप केवल ₹5,000 तक का ही ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। इस दौरान आप किसी को बड़ी रकम नहीं भेज सकते। यह नियम मुख्य रूप से साइबर ठगी और ‘सिम स्वैप’ जैसे फ्रॉड से बचने के लिए बनाया गया है।
3. गलत पिन (Wrong UPI PIN) डालने पर सख्ती
यदि आप लगातार 3 बार गलत यूपीआई पिन डालते हैं, तो आपका यूपीआई ट्रांजैक्शन फीचर अगले 24 घंटों के लिए ब्लॉक हो जाएगा। कुछ मामलों में बैंक सुरक्षा कारणों से अकाउंट को पूरी तरह से भी फ्रीज कर सकते हैं। इसे अनलॉक करने के लिए आपको फिर से पिन रिसेट करना होगा या 24 घंटे इंतजार करना होगा।
4. निष्क्रिय (Inactive) UPI ID होंगी बंद
अगर आपने किसी यूपीआई आईडी (जैसे- Paytm या GPay ID) से 1 साल (12 महीने) तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो उसे ‘इनएक्टिव’ मानकर बंद कर दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पुराने मोबाइल नंबरों के री-इश्यू होने पर किसी दूसरे व्यक्ति के पास आपकी यूपीआई एक्सेस न चली जाए।
5. पेयर-टू-पेयर (P2P) कलेक्ट रिक्वेस्ट पर रोक
NPCI ने अब अनजान लोगों द्वारा भेजी जाने वाली ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ (पैसे मांगने वाली रिक्वेस्ट) पर पाबंदी लगा दी है। अब केवल वेरिफाइड मर्चेंट्स ही ऐसी रिक्वेस्ट भेज सकेंगे। अगर आप बार-बार अनचाही रिक्वेस्ट भेजते पकड़े गए, तो आपका अकाउंट सस्पेंड हो सकता है।
2026 में सुरक्षित रहने के लिए जरूरी टिप्स
- KYC अपडेट रखें: सुनिश्चित करें कि आपके बैंक खाते में केवाईसी (KYC) जानकारी पूरी तरह अपडेट है, वरना आरबीआई के निर्देशानुसार ट्रांजैक्शन रोके जा सकते हैं।
- वेरिफाइड नाम देखें: अब पेमेंट करने से पहले ऐप पर रिसीवर का असली नाम (Verified Name) दिखाई देगा। पेमेंट करने से पहले इसे जरूर चेक करें।
- ज्यादा ऐप्स का इस्तेमाल: यदि आपकी बैलेंस चेक करने की लिमिट खत्म हो गई है, तो आप दूसरे यूपीआई ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह लिमिट प्रति ऐप (Per App) लागू है।









