
चुनावों से पहले पूरे उत्तर प्रदेश में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट और सरकारी डेटाबेस को पूरी तरह साफ और सटीक बनाना है, ताकि भविष्य के प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की गलती या विवाद की गुंजाइश न रहे। यह सरकारी रिकॉर्ड को अपडेट करने का एक बड़ा अभियान है, जिससे न केवल डेटा विश्वसनीय बनेगा बल्कि आम नागरिकों को भी सरकारी सुविधाओं और चुनावी प्रक्रिया में अधिक आसानी होगी।
यूपी वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम कटे, अब नाम वापस जुड़वाने का नया नियम
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के बाद जारी हुई नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने सबको चौंका दिया है। इस शुद्धिकरण अभियान में राज्य के लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिनमें से कई नाम गलत तरीके से कटने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए अब नाम जोड़ने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब यदि आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो आप 6 फरवरी 2026 तक आवेदन कर अपना नाम वापस जुड़वा सकते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी असली मतदाता अपने वोट के अधिकार से वंचित न रहे।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए जन्म तिथि का नया नियम
निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने स्पष्ट किया है कि अब केवल कोई भी कागज़ लगा देने से नाम नहीं जुड़ेगा। आवेदक का जन्म कब हुआ, इसी आधार पर उसे अपनी पहचान और आयु का प्रमाण देना होगा। उदाहरण के लिए, जिनका जन्म हाल के दशकों में हुआ है, उनके लिए बर्थ सर्टिफिकेट (Birth Certificate) सबसे अनिवार्य दस्तावेज़ माना जा रहा है। वहीं, बुजुर्गों या शिक्षा प्राप्त न कर पाने वाले लोगों के लिए अन्य विकल्पों को भी सरल बनाया गया है। इस सख्ती का उद्देश्य वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियों को खत्म करना है।
जन्म तिथि के अनुसार ज़रूरी दस्तावेज़
| यदि जन्म इस दौरान हुआ है | अनिवार्य/प्रमुख प्रमाण पत्र |
| 26 जनवरी 1989 के बाद | केवल बर्थ सर्टिफिकेट या हाईस्कूल की मार्कशीट |
| पुराने मतदाताओं के लिए | आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस |
| अशिक्षित आवेदकों के लिए | ग्राम प्रधान/नगर निगम द्वारा प्रमाणित आयु प्रमाण पत्र |
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए नए दस्तावेज़ नियम
चुनाव आयोग ने जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेज़ों की अनिवार्यता को तीन श्रेणियों में बाँटा है:
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोग: इन्हें केवल अपने निजी दस्तावेज़ देने होंगे। इनमें मार्कशीट, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य निर्धारित 13 दस्तावेज़ों में से कोई भी एक शामिल हो सकता है।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे लोग: इन्हें अपने पहचान पत्रों के साथ-साथ अपने पिता के दस्तावेज़ भी जमा करने अनिवार्य होंगे।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे लोग: इस श्रेणी के आवेदकों को अपने दस्तावेज़ों के साथ माता और पिता दोनों के पहचान पत्र और प्रमाण जमा करने होंगे।
- उद्देश्य: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य वोटर डेटाबेस को अधिक पारदर्शी बनाना और नागरिकता की पुष्टि को पुख्ता करना है।
इन लोगों को चुनाव आयोग भेजेगा नोटिस
उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग के नए नियमों के अनुसार, अब उन सभी लोगों को नोटिस भेजा जाएगा जिनके दस्तावेज़ों में कोई गलती (त्रुटि) पाई गई है या जिनका विवरण साल 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खाता। यह नियम पुराने नोटिसधारकों और नए आवेदन करने वाले सभी लोगों पर समान रूप से लागू होगा।
आयोग यह नोटिस दो प्रतियों में भेजेगा, जिसमें स्पष्ट लिखा होगा कि आपको कौन-कौन से दस्तावेज़ जमा करने हैं। यदि आप नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर रहे हैं, तो विशेष ध्यान रखें कि अपना नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सही-सही लिखें।
मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए:
- नोटिस किसे मिलेगा: जिनके विवरण में गड़बड़ी है या जिनका रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट से मैच नहीं हो रहा।
- दस्तावेज़ों की अनिवार्यता: नोटिस में दिए गए निर्देशानुसार जन्म तिथि के आधार पर प्रमाण देना होगा।
- फॉर्म-6 की सावधानी: नाम को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
- प्रक्रिया का उद्देश्य: डुप्लीकेट और फर्जी मतदाताओं को हटाकर सूची को पूरी तरह विश्वसनीय बनाना।
सुधार के लिए मिलेगा सिर्फ 7 दिन का समय
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में गलतियाँ मिली हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि आपको भी ऐसा कोई नोटिस मिलता है, तो उसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि आपके पास जवाब देने और सुधार करने के लिए केवल 7 दिनों का समय होगा। इस समय सीमा के भीतर आपको अपना फॉर्म भरकर और जरूरी दस्तावेज लगाकर संबंधित कार्यालय में जमा करने होंगे। यह कदम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाने के लिए उठाया गया है।









