
हरियाणा सरकार समाज से भेदभाव खत्म करने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना’ चला रही है। इस योजना के तहत, यदि कोई व्यक्ति जातिगत दीवारों को तोड़कर दूसरी जाति में शादी करता है, तो सरकार उस दंपती को बड़ी आर्थिक सहायता (शगुन) देती है।
सिरसा जिले में अब तक 118 जोड़ों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिनके बैंक खातों में सरकार ने सीधे 2 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की है। यह योजना छुआछूत जैसी बुराइयों को मिटाने और युवाओं को सामाजिक एकता के लिए प्रोत्साहित करने का एक मजबूत जरिया बन रही है।
शादी पर मिलेगी ₹2.50 लाख की मदद
हरियाणा सरकार अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को ₹2.50 लाख देती है। इसमें से ₹1.25 लाख शादी के तुरंत बाद बैंक खाते में भेज दिए जाते हैं, जबकि बाकी ₹1.25 लाख की 3 साल के लिए FD कराई जाती है। यह लाभ तब मिलता है जब दंपती में से कोई एक अनुसूचित जाति (SC) से हो।
किसे मिलेगा ₹2.50 लाख का लाभ?
हरियाणा सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य शर्त यह है कि अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित लड़का या लड़की हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। सबसे अच्छी बात यह है कि शादी के तुरंत बाद भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है; आप विवाह के 3 साल के भीतर कभी भी इस आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
घर बैठे ऑनलाइन करें आवेदन
हरियाणा में अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। जिला कल्याण अधिकारी के अनुसार, लाभ लेने के लिए वर-वधू के पास जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जाति और हरियाणा निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा, शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, परिवार पहचान पत्र (PPP), राशन कार्ड, संयुक्त बैंक खाता और विवाह की फोटो के साथ एक शपथ पत्र जमा करना होगा। इन दस्तावेजों के साथ आप आसानी से पोर्टल पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।









