
दिल्ली में भीषण ठंड और घने कोहरे को देखते हुए शिक्षा निदेशालय (DoE) ने छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर और कम विजिबिलिटी के कारण होने वाली दिक्कतों से बच्चों को बचाने के लिए नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के स्कूलों की छुट्टियां 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई हैं।
पिछले कई दिनों से अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों को लेकर चिंतित थे, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह राहत भरी घोषणा की है। हालांकि, ऊपरी कक्षाओं के लिए स्कूल के समय में बदलाव या ऑनलाइन कक्षाओं के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
9वीं से 12वीं तक की क्लास रहेंगी जारी
दिल्ली सरकार का छुट्टियों वाला आदेश केवल छोटी क्लासों तक ही सीमित है। 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं और उनकी पढ़ाई ऑफलाइन ही जारी रहेगी। हालांकि, कड़ाके की ठंड को देखते हुए इन छात्रों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि उनकी सेहत पर बुरा असर न पड़े। दिल्ली के कई बड़े स्कूलों ने पहले ही अभिभावकों को सूचित कर दिया है कि नर्सरी से आठवीं तक की नियमित कक्षाएं अब 16 जनवरी 2026 से ही दोबारा शुरू होंगी।
दिल्ली में अब 19 जनवरी से होंगे प्राइमरी एग्जाम, ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर
दिल्ली में भीषण ठंड और कोहरे के प्रकोप को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कक्षाओं की परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। अब कक्षा 2 से 5 तक की परीक्षाएं 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। मौसम विभाग की कोहरे वाली चेतावनी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि बच्चों को बस या निजी वाहनों से आने-जाने में जोखिम न हो। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि छुट्टियों के दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसलिए वे ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
अभिभावकों के लिए ज़रूरी सलाह
दिल्ली के शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे कड़ाके की ठंड के बीच बच्चों को घर पर सुरक्षित रखें और स्कूल द्वारा भेजे जा रहे WhatsApp मैसेज या सर्कुलर को नियमित रूप से चेक करते रहें। फिलहाल स्थिति यह है कि स्कूल 16 जनवरी 2026 को खुल सकते हैं, लेकिन अगर मौसम की मार कम नहीं हुई और कोहरा घना बना रहा, तो प्रशासन छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार पल-पल की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।









