
देश के पूर्व सैनिकों के लिए खुशी की खबर है कि अब उनकी बेटियों की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। रक्षा मंत्रालय ने इस अनुदान राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मंजूरी के बाद यह लाभ पूर्व सैनिकों की अधिकतम दो बेटियों की शादी के लिए मिल सकेगा। यह बढ़ी हुई सहायता केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से दी जा रही है, जिसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को अधिक वित्तीय मजबूती प्रदान करना है।
पूर्व सैनिकों के सम्मान में सरकार का बड़ा कदम
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी है कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में 100% की बढ़ोतरी की गई है। मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला देश की सेवा में अपना जीवन लगाने वाले वीर जवानों और उनके बलिदान के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवा के बाद भी पूर्व सैनिक और उनके आश्रित एक गरिमापूर्ण जीवन जी सकें और उन्हें समय पर पूरी वित्तीय सहायता मिल सके।
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और बच्चों को बड़ी राहत
रक्षा मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए मदद की राशि दोगुनी कर दी है। अब बिना पेंशन वाले बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और 65 वर्ष से अधिक उम्र की विधवाओं को हर महीने 4,000 रुपये के बजाय 8,000 रुपये की आर्थिक सहायता (पेन्युरी ग्रांट) दी जाएगी। इसके साथ ही, बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाली मदद भी बढ़ा दी गई है। अब पूर्व सैनिकों के दो बच्चों या उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही उनकी विधवाओं को हर महीने 1,000 रुपये की जगह 2,000 रुपये का शिक्षा अनुदान मिलेगा।
विकसित भारत के लिए युवाओं को तकनीकी महारत जरूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं को विकसित भारत का मुख्य आधार बताया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल एक विषय तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष विज्ञान (Space Research) को भी अपनाएं। रक्षा मंत्री के अनुसार, तेजी से बदलती दुनिया और तकनीकी विकास के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए ‘मल्टी-डिसीप्लिनरी’ यानी बहुविषयक शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
राजनाथ सिंह का युवाओं को संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के दौरान उत्तर प्रदेश के 78 युवाओं से संवाद किया और उन्हें सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि इंसान को हमेशा सीखते रहना चाहिए—चाहे वह नई तकनीक हो, अपनी गलतियाँ हों या दूसरों के अनुभव। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन साथ ही सलाह दी कि सपनों को खुद पर बोझ न बनने दें। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि चुनौतियां जीवन का हिस्सा हैं और कठिन समय ही इंसान के असली चरित्र और ताकत को निखारता है।
असफलता और आलोचना ही तय करती है भविष्य की दिशा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यक्ति की असली परीक्षा अच्छे समय में नहीं, बल्कि मुश्किलों और आलोचनाओं के दौरान होती है। उन्होंने समझाया कि निडर होने का यह अर्थ नहीं कि समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए, बल्कि उनका सामना साहस और बुद्धिमानी से करना चाहिए। राजनाथ सिंह के अनुसार, चुनौतियों को एक भारी बोझ समझने के बजाय उन्हें खुद को साबित करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि यही अनुभव भविष्य में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करते हैं।









