
मकर संक्रांति के त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने 14 और 15 जनवरी को सभी जिलों में सरकारी छुट्टी घोषित की है। कमिश्नर अनिल ढींगरा के आदेश के अनुसार, इन दो दिनों में सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। यह फैसला गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने के लिए आने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि लोग आसानी से त्योहार मना सकें।
कड़ाके की ठंड के कारण शनिवार तक स्कूलों में छुट्टी
राज्य में भारी कोहरे और शीतलहर की वजह से बच्चों को काफी परेशानी हो रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को शनिवार तक बंद रखने का फैसला किया है। अब रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के बाद सभी स्कूल सोमवार से दोबारा खुलेंगे।
धूप से मिली ठंड में राहत, पर सोमवार से फिर बढ़ेगी ठिठुरन
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शनिवार को तापमान में 3 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, जिससे खिली धूप के बीच लोगों को कड़ाके की ठंड और कोहरे से राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को भी मौसम साफ और सुहावना बना रहेगा। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी, क्योंकि सोमवार से तापमान में फिर से गिरावट आएगी और कड़ाके की सर्दी की वापसी होगी। शनिवार को सुबह कुछ इलाकों में कोहरा जरूर था, लेकिन दिन चढ़ते ही तेज धूप ने माहौल को खुशनुमा बना दिया।
रविवार तक ठंड से राहत, सोमवार से फिर गिरेगा पारा
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, हवाओं के बदलते रुख की वजह से रविवार तक मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से ठंड और कोहरे में कमी आएगी। हालांकि, सोमवार से मौसम फिर करवट लेगा और तापमान गिरने से सर्दी बढ़ जाएगी। आने वाले कुछ दिनों तक रात के समय कड़ाके की ठंड पड़ेगी, जबकि दिन में धूप की वजह से हल्की राहत बनी रहेगी। कुल मिलाकर, रविवार के बाद एक बार फिर ठिठुरन महसूस की जाएगी।
कई शहरों में कोहरे का भारी असर, रविवार दोपहर से राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को आगरा, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में इतना घना कोहरा था कि सामने कुछ भी देख पाना मुश्किल (जीरो विजिबिलिटी) हो गया था। अलीगढ़ और बहराइच में भी कोहरे की वजह से सड़कों पर बहुत कम दिखाई दे रहा था। रविवार को भी तराई के इलाकों में घना कोहरा रहने का अनुमान है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही यह साफ हो जाएगा। दोपहर तक अच्छी धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिलने की पूरी संभावना है।









