
आजकल जॉब चेंज करना तो फैशन बन गया है। एक कंपनी से दूसरी, दो महीने बाद फिर नई – कंपनियां भी मान चुकी हैं कि लॉयल्टी पुरानी हो गई। लेकिन बीच में EPF का झमेला सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या नई जॉब जॉइन करते ही मेरा PF बैलेंस अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा? या UAN-KYC का चक्कर लगेगा? चलो, आज सीधे-सीधे बात करते हैं, बिना किसी घुमाव के। सच्चाई ये है कि EPF जॉब चेंज से डरता नहीं, बस थोड़ी सी स्मार्टनेस चाहिए।
UAN है आपका EPF का सुपरहीरो
सबसे पहले ये मान लो कि EPF कोई लोकल अकाउंट नहीं जो जॉब चेंज पर रीसेट हो जाए। ये आपके साथ चलता है, जैसे छाया। इसका राज है UAN – यूनिवर्सल अकाउंट नंबर। ये एक ही नंबर हर जॉब के PF को जोड़ देता है। नई कंपनी जॉइन करो, तो नया मेंबर ID बनेगा, लेकिन UAN वही रहेगा। पुराने बैलेंस, सर्विस हिस्ट्री – सब उसी में समेटा रहता है। मेरा दोस्त ने 4 जॉब्स चेंज कीं, आज भी एक UAN से सब मैनेज हो रहा है। बस, नई HR को ये नंबर दो, वरना नया UAN बनवा देंगे और कन्फ्यूजन हो जाएगा।
ट्रांसफर अपने आप? सोच लो दोबारा!
लोग सोचते हैं कि जॉब छोड़ते ही PF नई जगह आ जाएगा। हाहा, ऐसा सिर्फ फिल्मों में होता है। पुराना अकाउंट बंद नहीं होता, बस इनएक्टिव हो जाता। नई कंपनी में कंट्रीब्यूशन शुरू हो, तो UAN लिंक करके ट्रांसफर कराओ। HR से कहो या EPFO पोर्टल पर खुद Form 13 फाइल करो। देरी क्यों होती है? ज्यादातर KYC की वजह से। आधार, PAN, बैंक डिटेल्स वेरिफाइड न हों, तो फंस जाओ। एक बार मेरी KYC पेंडिंग थी, ट्रांसफर 2 महीने लटका रहा।
KYC को मत नजरअंदाज करना, भाई!
KYC कोई फॉर्मेलिटी नहीं, EPF का फाउंडेशन है। जॉब चेंज से पहले EPFO ऐप खोलो, UAN लॉगिन करके चेक करो – आधार सीडेड है? PAN लिंक्ड? बैंक अपडेट? अगर ‘Pending with Employer’ दिखे, तो HR को झाड़ो। नाम में स्पेलिंग मिसमैच? जैसे ‘Rahul Kumar’ vs ‘Rahul Kumar ‘ (स्पेस के साथ) – ये छोटी गलती बड़ा सिरदर्द। मैंने चेक किया, 70% प्रॉब्लम इसी से। आधार OTP से वेरिफाई कर लो, सब सॉल्व। बिना इसके विड्रॉल, लोन, कुछ नहीं चलेगा।
ट्रांसफर न कराया तो क्या बवाल?
अगर पुराना PF ट्रांसफर न किया, तो पैसा तो सेफ रहेगा, लेकिन सोया हुआ। 3 साल तक कोई कंट्रीब्यूशन न हो, तो ब्याज भी रुक जाएगा। कोई पेनल्टी नहीं, लेकिन ग्रोथ रुक जाएगी। कल्पना करो, 5 जॉब्स चेंज कीं और 4 PF अलग-अलग – रिटायरमेंट पर कितना झंझट! लॉन्ग टर्म में लाखों का नुकसान। हमेशा ट्रांसफर कराओ, ताकि सब एक जगह इकट्ठा हो।
विड्रॉल में जॉब चेंज का कोई रोल नहीं
कईयों को डर लगता है कि जॉब चेंज से PF निकालना मुश्किल हो जाएगा। गलत! योग्यता सर्विस पीरियड पर डिपेंड करती है, जॉब काउंट पर नहीं। 5 साल सर्विस पूरी? निकाल लो। UAN-KYC अपडेट हो, तो 10 मिनट में हो जाता है। देरी हो तो EPFO को कोसना बंद करो, पहले खुद चेक करो।
3 स्टेप्स जो हर जॉब चेंजर को याद रखने चाहिए
जॉब चेंज पर बस ये 3 काम करो: 1) नई HR को UAN दो और लिंकिंग चेक करो। 2) KYC अप्रूव्ड कराओ – आधार, PAN, बैंक सब। 3) पुराना PF नए में ट्रांसफर कराओ। इतना किया, तो EPF चुपचाप बैकग्राउंड में ग्रो करेगा। जॉब चेंज फ्रीडम है, PF को कैद मत करो। स्मार्ट बनो, रिटायरमेंट हैप्पी होगा!









