
ईरान में हालात क्या हो गए हैं! महंगाई और रुपये की गिरती कीमत से भड़के विरोध अब पूरे देश में फैल चुके। सरकार ने इंटरनेट और फोन कॉल्स काट दिए, फ्लाइट्स रद्द। कम से कम 65 लोग शहीद हो चुके। अमेरिका-इजरायल पर इल्जाम, लेकिन लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर। दिल दुखता है ये सब देखकर!
खामेनेई का ट्रंप पर गुस्सा
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप को अहंकारी कह डाला। बोले, उनके हाथ ईरानियों के खून से रंगे हैं। 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बाजारों से शुरू हुए ये गुस्से के सैलाब अब 13वें दिन में। रियाल की कीमत गिर रही, रोटी महंगी – लोग तंग आ चुके। धार्मिक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा!
मौतों का सिलसिला
मानवाधिकार ग्रुप्स कहते हैं, 65 से ज्यादा मौतें हो चुकीं। सरकारी मीडिया लंबे समय चुप था, अब बोला – ‘हताहत हुए हैं’ लेकिन नंबर नहीं। प्रदर्शन 31 प्रांतों के 180+ शहरों में! शुक्रवार को हिंसा का इल्जाम अमेरिका-इजरायल पर लगाया। लेकिन सच्चाई? लोग अपनी आवाज उठा रहे, दमन हो रहा। सोचो, कितना दर्द!
इंटरनेट ब्लैकआउट
सूचना मंत्रालय बोला, सिक्योरिटी के नाम पर इंटरनेट-फोन बंद। दुनिया से कनेक्ट कैसे होंगे लोग? परिवार वाले संपर्क से वंचित। ये 9 जनवरी को 13वें दिन पहुंचा। विरोधियों को चुप कराने का तरीका लगता है। बाहर से खबरें मुश्किल से आ रही, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे – आंसू और खून के धब्बे!
फ्लाइट्स रद्द दुनिया कनेक्ट कट!
अशांति का असर हवाई यात्रा पर। दुबई से ईरान 17+ फ्लाइट्स कैंसल। तुर्की एयरलाइंस ने ओवरफ्लाइट्स रोकीं। ट्रैवलर्स फंस गए, एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी। ईरान के पड़ोसी देश भी सतर्क। ये प्रदर्शन कब थमेंगे? अर्थव्यवस्था और बिगड़ रही!
उम्मीद की किरण या और अंधेरा?
ये आंदोलन महंगाई से शुरू, अब आजादी की मांग बन गया। युवा सड़कों पर, महिलाएं आगे। लेकिन दमन जारी। खामेनेई सरकार टिकेगी या बदलाव आएगा? दुनिया देख रही। भारत से भी चिंता, तेल कीमतें प्रभावित हो सकतीं। भाइयों, दुआ करो शांति आए। क्या लगता है, अंत कैसे होगा?









