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Russian Missiles: रूस की कौन-कौन सी मिसाइल अमेरिका तक कर सकती हैं हमला, जानें दोनों देशों की दूरी और सुरक्षा स्थिति

अमेरिका ने रूसी तेल टैंकर जब्त किया, तनाव चरम पर! रूस की RS-28 सरमत (18,000 किमी रेंज), अवांगार्ड (मच 27), यार्स जैसी मिसाइलें मिनटों में अमेरिका हिला सकती हैं। बेरिंग स्ट्रेट में सिर्फ 4 किमी दूरी! पोसाइडन ड्रोन सुनामी ला सकता है। दुनिया सांस रोके!

By Pinki Negi

us seized russian tanker which russian missiles can reach the united states and how far apart are the two countries

हाल ही में अमेरिका ने एक रूसी तेल टैंकर को जब्त कर लिया। ये खबर तो जैसे आग में घी डालने वाली है। दोनों महाशक्तियों के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है, और अब रूस की वो खतरनाक मिसाइलें याद आ रही हैं जो अमेरिका के दिल तक पहुंच सकती हैं। कुछ ही मिनटों में! आइए, इस तनाव के बीच रूस की उन ‘मॉन्स्टर’ मिसाइलों पर नजर डालें जो अमेरिकी धरती को चंद मिनटों में राख कर सकती हैं। और हां, दोनों देश कितने करीब हैं, वो भी जान लीजिए – डराने वाली बातें हैं ये!

रूस की ताकत

देखिए, रूस की सैन्य ताकत किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं। उनके पास जमीन से लॉन्च होने वाली, समुद्र में छिपी, हवा में उड़ने वाली और यहां तक कि पानी के नीचे घूमने वाली परमाणु मिसाइलें हैं। ये सब अमेरिका के किसी भी कोने – चाहे न्यूयॉर्क हो या लॉस एंजिल्स – पर हमला बोल सकती हैं। इनका मकसद साफ है: दुश्मन की मिसाइल डिफेंस को चकमा देकर सीधा निशाना साधना। अब चलिए, इनकी टॉप मिसाइलों को एक-एक करके समझते हैं।

RS-28 सरमत

सबसे पहले बात RS-28 सरमत की। ये रूस की सबसे पावरफुल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, भाई। इसकी रेंज 18,000 किलोमीटर से ज्यादा! मतलब, ये उत्तरी ध्रुव के रास्ते घूमकर या दक्षिणी ध्रुव से चक्कर लगाकर अमेरिका पहुंच सकती है। 10-15 परमाणु वारहेड्स लादकर ये 25,500 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती है। अमेरिका की मिसाइल शील्ड को ये आसानी से भेद लेगी। कल्पना कीजिए, लॉन्च होते ही अमेरिका में घंटों पहले अलार्म बजने लगेंगे!

अवांगार्ड और RS-24 यार्स

अब अवांगार्ड – ये कोई आम मिसाइल नहीं, बल्कि हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है। ICBM पर चढ़ाकर लॉन्च होती है, फिर मैक 20-27 (यानी ध्वनि की 20 गुना स्पीड) से उड़ान भरती है। रडार इसे पकड़ ही नहीं पाते! फिर RS-24 यार्स, मोबाइल ICBM। 10,500-11,000 किलोमीटर रेंज, सड़क पर ट्रक से या साइलो से फायर। ये खासतौर पर अमेरिकी डिफेंस सिस्टम को तोड़ने के लिए बनी है। छोटी लेकिन घातक।

टोपोल-एम, बुरेवेस्तनिक और पोसाइडन

टोपोल-एम रूस का पुराना लेकिन भरोसेमंद घोड़ा है। 11,000 किलोमीटर रेंज से अमेरिका की मुख्य भूमि पर आसानी से पहुंच जाती है। रूस के न्यूक्लियर आर्सेनल का बड़ा हिस्सा इसी पर। फिर बुरेवेस्तनिक – न्यूक्लियर पावर्ड क्रूज मिसाइल। रेंज अनलिमिटेड, 10,000-20,000 किलोमीटर। कम ऊंचाई पर उड़ती है, रडार से बच निकलती है। सबसे डरावना पोसाइडन – पानी के नीचे न्यूक्लियर ड्रोन। अनलिमिटेड रेंज, तट पर ब्लास्ट से रेडियोएक्टिव सुनामी पैदा कर सकता है। सोचिए, अमेरिकी कोस्टलाइन तबाह!

कितनी दूर हैं रूस और अमेरिका?

अब दूरी की बात। सबसे नजदीकी पॉइंट बेरिंग स्ट्रेट में – रूसी द्वीप और अमेरिकी द्वीप के बीच सिर्फ 3.8-4 किलोमीटर! एक तरफ रूस, दूसरी तरफ अमेरिका। रूसी मुख्यभूमि से अलास्का तक 85 किलोमीटर। लेकिन मॉस्को से वॉशिंगटन डीसी हवाई दूरी 7,800-8,900 किलोमीटर। यानी सरमत जैसी मिसाइल 30-40 मिनट में पहुंचा देगी। इतना करीब होने पर तनाव क्यों? तेल टैंकर जैसी घटनाएं तो बस ट्रिगर हैं!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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