
सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने जा रही है। यह 700 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, जिससे दिल्ली और लखनऊ के बीच व्यापार को नई रफ़्तार मिलेगी।
बरेली मंडल के तीन जिलों के साथ-साथ यह एक्सप्रेस-वे बरेली की तीन तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बरेली, शाहजहाँपुर व पीलीभीत में एडीएम (ADM) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से ‘नाथ नगरी’ बरेली का जुड़ाव न केवल दिल्ली-लखनऊ से बढ़ेगा, बल्कि उत्तराखंड के लिए भी राह आसान हो जाएगी।
बरेली बनेगा हाईवे का हब, उत्तराखंड और मथुरा तक का सफर होगा और आसान
- उत्तराखंड से सीधा जुड़ाव: बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे उत्तराखंड पहुंचना अब और भी सुगम हो जाएगा।
- सिक्सलेन की तैयारी: बरेली-सीतापुर हाईवे को अब फोरलेन से सिक्सलेन में अपग्रेड किया जा रहा है। साथ ही, बरेली-मथुरा हाईवे को भी सिक्सलेन बनाया जा रहा है ताकि आगरा और मथुरा तक सीधा और तेज सफर मिल सके।
- 700 किमी का नया एक्सप्रेस-वे: गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पूरब को पश्चिम से जोड़ेगा। यह अयोध्या, लखनऊ और सीतापुर जैसे बड़े शहरों को एक सूत्र में पिरोएगा।
- इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा: यह एक्सप्रेस-वे बरेली की फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी तहसीलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन ग्रामीण इलाकों का सीधा जुड़ाव मेरठ, सहारनपुर और शामली से हो जाएगा।
- व्यापार को रफ्तार: लखीमपुर, पीलीभीत (बीसलपुर) और शाहजहाँपुर (पुवायां) के रास्ते निकलने वाला यह रूट यूपी के औद्योगिक और कृषि व्यापार के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिलों में शुरुआती सर्वे पूरा करने के बाद जमीन अधिग्रहण के लिए ‘काला’ (सक्षम प्राधिकारी) नियुक्त कर दिया है।
NHAI के परियोजना प्रबंधक अश्वनी चौहान के मुताबिक, बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत में एडीएम (ADM) को यह जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लखीमपुर खीरी में एसडीएम (SDM) जमीन अधिग्रहण का कार्य संभालेंगे। इन अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही अब एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीदने और मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर है। प्रशासन जल्द ही चयनित भूमि को ‘थ्री-ए’ (3A) घोषित करने वाला है, जिसके बाद एक साल के लिए उस जमीन को खरीदने या बेचने पर रोक लग जाएगी। इसके बाद ‘थ्री-डी’ (3D) नोटिफिकेशन जारी होते ही जमीन पूरी तरह सरकार के नाम सुरक्षित हो जाएगी। NHAI के अधिकारियों के अनुसार, उनका लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) में निर्माण कार्य शुरू करने का है। यह विशाल एक्सप्रेस-वे काम शुरू होने के 3 साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे यूपी के पूरब और पश्चिम के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा।









