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बाईपास के लिए UIT का एक्शन! 2 गांवों के किसानों का भारी विरोध, 70% जमीन अधिग्रहण के बाद छिड़ा संग्राम

सीकर में बाईपास निर्माण को लेकर संग्राम! 70% जमीन अधिग्रहण के बाद आखिर क्यों भड़के दो गांवों के किसान? मास्टर प्लान में बदलाव और भेदभाव के आरोपों के बीच कोर्ट तक पहुंचा मामला—जानें यूआईटी के इस बड़े एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी।

By Pinki Negi

बाईपास के लिए UIT का एक्शन! 2 गांवों के किसानों का भारी विरोध, 70% जमीन अधिग्रहण के बाद छिड़ा संग्राम
बाईपास के लिए UIT का एक्शन

राजस्थान की शिक्षानगरी (सीकर) के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने के लिए यूआईटी (UIT) ने कमर कस ली है। नवलगढ़ रोड को फतेहपुर रोड से सीधे जोड़ने के लिए बनने वाले 6.5 किलोमीटर लंबे बाईपास का काम अब अंतिम चरणों की ओर है। यूआईटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक लगभग 70 फीसदी जमीन का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बाईपास के बनने से शहर के अंदरूनी रास्तों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों ने लगाए भेदभाव के आरोप

सीकर बाईपास परियोजना में जमीन अधिग्रहण का काम तो आगे बढ़ रहा है, लेकिन अब यह विवादों में घिर गया है। भैरूपुरा और जगमालपुरा इलाके के ग्रामीणों ने यूआईटी (UIT) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कुछ क्षेत्रों को फायदा पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, चर्चा है कि जमीन का काम पूरी तरह संपन्न होते ही इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी जा सकती है। विवाद के कारण प्रोजेक्ट की रफ्तार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

मास्टर प्लान में बदलाव को लेकर गहराया विवाद

सीकर बाईपास और रिंग रोड परियोजना में ‘मास्टर प्लान’ के उल्लंघन का मामला गरमा गया है। भैरूपुरा और जगमालपुरा के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने मौजूदा पत्थरगढ़ी और मास्टर प्लान को दरकिनार कर रिंग रोड के नक्शे में बदलाव किया है, जिससे सैकड़ों किसानों की जमीनें और आजीविका प्रभावित हो रही हैं। विवाद इतना बढ़ गया है कि ग्रामीणों ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दूसरी ओर, यूआईटी (UIT) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही की जा रही है। अब कोर्ट के फैसले पर ही इस प्रोजेक्ट का भविष्य टिका है।

सीकर मास्टर प्लान पर UIT ने दी सफाई

शहर में नए मास्टर प्लान को लेकर फैली असमंजस की स्थिति पर यूआईटी (UIT) ने स्थिति साफ कर दी है। यूआईटी सचिव जगदीश प्रसाद गौड़ ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में साल 2013 में स्वीकृत ‘मास्टर प्लान 2031’ लागू है। वहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 25 जून 2025 को ‘मास्टर प्लान 2041’ का प्रारूप (ड्राफ्ट) भी प्रकाशित किया जा चुका है। सचिव ने बताया कि फिलहाल शहर के नगरीय क्षेत्र में विकास कार्य और अन्य प्रशासनिक कार्यवाही इन दोनों प्लान के नियमों के तालमेल के साथ की जा रही है। इस स्पष्टीकरण के बाद अब नक्शा पास कराने और निर्माण कार्यों को लेकर लोगों के बीच बना भ्रम काफी हद तक दूर हो गया है।

स्वायत्त शासन विभाग ने नगर परिषद को थमाया नोटिस, जवाब के बाद होगा फैसला

सीकर के नए मास्टर प्लान को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है, जिससे इसका काम बीच में ही रुक गया है। मास्टर प्लान तैयार करने वाली कंपनी और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने नगर परिषद के माध्यम से एक नोटिस जारी किया है। जब तक इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाता, तब तक प्लान की आगे की प्रक्रिया पर ब्रेक लगा रहेगा। दरअसल, प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशन के बाद से ही नियमों को लेकर लगातार विरोध और विवाद हो रहा था, जिसके चलते विभाग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। अब नगर परिषद के जवाब पर ही मास्टर प्लान 2041 का भविष्य निर्भर करेगा।

बाईपास के नक्शे में नहीं हुआ 1 इंच का बदलाव, 70% जमीन किसानों की सहमति से ली

सीकर बाईपास विवाद के बीच यूआईटी (UIT) ने साफ कर दिया है कि पूरा प्रोजेक्ट मास्टर प्लान 2011 के नियमों के तहत ही बनाया जा रहा है। यूआईटी सचिव ने बताया कि इस बाईपास की चौड़ाई 200 फीट प्रस्तावित है और उसी के आधार पर जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नक्शे में एक इंच का भी बदलाव नहीं किया गया है। अब तक हुई 70 फीसदी जमीन का अधिग्रहण पूरी तरह से किसानों की रजामंदी के बाद ही किया गया है। हालांकि, सचिव ने यह भी भरोसा दिलाया कि जिन ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई है, उनकी गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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