
भारत में जल्द ही डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक दस्तक देने वाली है, जिससे आप बिना इंटरनेट डेटा खर्च किए अपने स्मार्टफोन पर लाइव टीवी चैनल देख सकेंगे। हाल ही में सरकारी प्रसारक प्रसार भारती ने इस तकनीक का सफल परीक्षण किया है। यह ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे रेडियो बिना सिम कार्ड के चलता है।
हालांकि, इस टेस्ट से जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को बाहर रखा गया है, जिस पर COAI (सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने नाराजगी जताई है। कंपनियों को डर है कि अगर लोग बिना डेटा के टीवी देखने लगेंगे, तो उनके इंटरनेट बिजनेस पर गहरा असर पड़ सकता है।
बिना सिम और इंटरनेट के फोन पर दिखेगा टीवी
D2M (डायरेक्ट-टू-मोबाइल) तकनीक का मुख्य उद्देश्य आपके स्मार्टफोन को एक छोटे टेलीविजन में बदलना है, जिसके लिए किसी इंटरनेट पैक या वाई-फाई की जरूरत नहीं होगी। यह तकनीक जियो और एयरटेल जैसी टेलीकॉम कंपनियों के टावरों के बजाय सीधे ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल का उपयोग करेगी।
इसका सबसे शानदार फायदा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जहाँ मोबाइल नेटवर्क अक्सर कमजोर रहता है। साथ ही, सरकार इस तकनीक के जरिए आपातकालीन स्थितियों (जैसे बाढ़ या तूफान) के दौरान बिना इंटरनेट के भी सीधे मोबाइल पर अलर्ट और जरूरी जानकारियां भेज सकेगी, जिससे आपदा प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी।
IIT कानपुर और प्रसार भारती का साझा मिशन
D2M तकनीक को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए सरकारी प्रसारक प्रसार भारती ने IIT कानपुर के साथ हाथ मिलाया है। साल 2019 में हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि मोबाइल पर सीधे टीवी सिग्नल आने से सामान्य कॉलिंग और इंटरनेट सेवाओं में कोई बाधा तो नहीं आएगी।
अलावा, विशेषज्ञों की टीम इस बात पर भी बारीकी से परीक्षण कर रही है कि लाइव टीवी चैनलों को बिना इंटरनेट ट्रांसमिट करने से कहीं स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा गर्म (Overheat) तो नहीं हो जाएंगे। यह परीक्षण सुनिश्चित करेगा कि जब यह तकनीक आम जनता के पास पहुँचे, तो मोबाइल की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ पर कोई बुरा असर न पड़े।
D2M टेस्टिंग की सफल रिपोर्ट
प्रसार भारती और IIT कानपुर द्वारा किए गए D2M तकनीक के परीक्षण के नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं। इस टेस्टिंग में ‘टेलिकॉम इंजीनियरिंग सेंटर’ और ‘एराकॉन टेक्नोलॉजी’ जैसे विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार, खास तौर पर D2M तकनीक के लिए तैयार किए गए स्मार्टफोन्स पर यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।
सबसे राहत की बात यह है कि विशेषज्ञों ने उन सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि इससे मोबाइल सिग्नल कमजोर होंगे। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बिना इंटरनेट टीवी चलाने से कॉलिंग या नेटवर्क पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है, यानी यह तकनीक भविष्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
टेलिकॉम कंपनियों ने सरकारी टेस्टिंग पर उठाए गंभीर सवाल
जहाँ एक तरफ बिना इंटरनेट टीवी चलाने की तैयारी हो रही है, वहीं COAI (सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने इस पर गहरी चिंता जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार ने इस तकनीक की टेस्टिंग अकेले ही कर ली और इसमें जियो, एयरटेल जैसी बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को शामिल नहीं किया।
कंपनियों का मानना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और सबको साथ लेकर नहीं चला गया है। COAI ने चेतावनी दी है कि अगर मोबाइल नेटवर्क और ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल एक साथ काम करेंगे, तो भविष्य में सिग्नल की समस्या पैदा हो सकती है जिससे कॉलिंग और डेटा सेवाओं में रुकावट आएगी। बिना टेलिकॉम ऑपरेटर्स की सलाह के आई इस टेस्ट रिपोर्ट ने पूरे विवाद को जन्म दे दिया है।









