
दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी में पहली बार रॉन्ग साइड (गलत दिशा) पर गाड़ी चलाने वाले एक ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह ऐतिहासिक FIR 3 जनवरी को दिल्ली कैंट इलाके में दर्ज हुई, जब उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का रहने वाला अमन नाम का ड्राइवर अपनी गाड़ी को गलत दिशा में ले जा रहा था। केंद्र शासित प्रदेशों में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जो यह साफ संकेत देता है कि अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना न केवल जुर्माना, बल्कि कानूनी केस का कारण भी बन सकता है।
बिना लाइसेंस और इंश्योरेंस के रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कानूनी शिकंजा
दिल्ली पुलिस की हालिया कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब सड़कों पर लापरवाही भारी पड़ेगी। आरोपी ड्राइवर के पास न तो वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही गाड़ी का बीमा (Insurance), लेकिन पुलिस ने सबसे गंभीर कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत की है।
यह नई धारा सार्वजनिक रास्तों पर लापरवाही या खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने पर लगाई जाती है, जिससे दूसरों की जान को खतरा हो। गौरतलब है कि BNS ने पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली है और 1 जुलाई 2024 से देशभर में प्रभावी हुई है। इस कानून के तहत FIR दर्ज होना यह दर्शाता है कि अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक आपराधिक कृत्य माना जाएगा।
खतरनाक ड्राइविंग पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत अब गलत दिशा में गाड़ी चलाना आपको भारी पड़ सकता है। धारा 281 के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 6 महीने तक की जेल, ₹1,000 का जुर्माना या यह दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। हालांकि, इस मामले में आरोपी को तुरंत जमानत मिल गई क्योंकि ये धाराएं ‘जमानती’ (Bailable) श्रेणी में आती हैं। पुलिस का यह कड़ा रुख यह स्पष्ट करता है कि अब वे केवल चालान काटकर चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि सड़कों पर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) का रास्ता अपनाएंगे।
सावधान! अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बनेगा आपका ‘क्रिमिनल रिकॉर्ड’
दिल्ली में दर्ज हुई यह पहली FIR इस बात का बड़ा संकेत है कि अब गंभीर ट्रैफिक अपराधों से निपटने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगा, जिससे यह साफ हो गया है कि गलत साइड ड्राइविंग (Wrong Side Driving) जैसे खतरनाक कृत्य अब महज एक चालान या जुर्माना भरकर खत्म नहीं होंगे।
अब ऐसे उल्लंघन सीधे आपके आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal Record) का हिस्सा बन सकते हैं। इसका सीधा असर भविष्य में आपके पासपोर्ट वेरिफिकेशन, सरकारी नौकरी या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है, क्योंकि अब इसे ‘खतरनाक ड्राइविंग’ की श्रेणी में रखकर कानूनी केस चलाया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का कड़ा रुख
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 उन वाहन चालकों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो सड़कों पर लापरवाही बरतते हैं। अब वह समय बीत चुका है जब ट्रैफिक नियमों को तोड़कर सिर्फ जुर्माना भरकर छूटा जा सकता था; अब ऐसी गलतियाँ आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सकती हैं। सरकार का यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज करना यह सुनिश्चित करेगा कि लोग सड़कों पर दूसरों की जान जोखिम में डालने से पहले सौ बार सोचें।
ट्रैफिक नियमों का पालन
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई हम सभी के लिए एक बड़ी सीख है। गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी चलाना अब केवल एक साधारण नियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है जो किसी मासूम की जान ले सकता है।
सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपको जेल पहुँचा सकती है और आपका आपराधिक रिकॉर्ड बना सकती है, बल्कि किसी परिवार को ताउम्र का दर्द भी दे सकती है। सुरक्षित ड्राइविंग का मतलब है खुद के साथ-साथ दूसरों के जीवन का सम्मान करना। इसलिए, हमेशा सतर्क रहें, ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।









