
बिहार में नए साल के साथ ही स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभिभावक अपने बच्चों के एडमिशन फॉर्म भरने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपके बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बना है या कहीं खो गया है, तो चिंता करने की बात नहीं है। आप इसे आसानी से दोबारा प्राप्त कर सकते हैं या नया बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, ताकि समय पर स्कूल के कागजात पूरे हो सकें।
एडमिशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाना हुआ और भी आसान
बिहार में स्कूल-कॉलेज के नए सत्र और एडमिशन की भारी मांग को देखते हुए पटना नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को काफी तेज और सरल कर दिया है। शिक्षण संस्थानों में दाखिले और अन्य कागजी कामों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की बढ़ती जरूरत की वजह से आजकल अंचल कार्यालयों में काफी भीड़ देखी जा रही है। लोगों की इसी परेशानी को समझते हुए नगर निगम ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि अभिभावकों को लंबी लाइनों से राहत मिले और उनके बच्चों के जरूरी दस्तावेज बिना किसी देरी के समय पर बन सकें।
अब सिर्फ माता-पिता के आधार कार्ड से बनेगा बर्थ सर्टिफिकेट
पटना नगर निगम ने बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों को बहुत आसान बना दिया है। 10वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन से पहले अब छात्र केवल अपने माता-पिता के आधार कार्ड और एक शपथ पत्र (Affidavit) के जरिए अपना बर्थ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।
वहीं, जो छात्र 10वीं पास कर चुके हैं, उनका प्रमाण पत्र उनके शैक्षणिक दस्तावेजों (Mark sheet/Certificate) के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस फैसले से उन हजारों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है, जो कागजों की कमी के कारण दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।
पटना में बर्थ सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड
पटना नगर निगम के शहरी क्षेत्रों में जन्म प्रमाण पत्र बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, शहर के चार प्रमुख अंचलों में अब तक कुल 1.07 लाख से अधिक बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा सक्रियता नूतन राजधानी अंचल में देखी गई, जहाँ अकेले 77,034 सर्टिफिकेट बनाए गए। इसके साथ ही बांकीपुर में 12,476, पाटलिपुत्र में 12,308 और कंकड़बाग अंचल में 6,080 प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस सक्रियता से उन अभिभावकों को बड़ी मदद मिली है जो एडमिशन के लिए दस्तावेजों की तैयारी कर रहे हैं।









