
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है, जो समाज के विभिन्न वर्गों को सफर के दौरान किराए में विशेष छूट या मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, यह लाभ सभी के लिए नहीं है और इसके कुछ कड़े नियम व शर्तें भी हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों के पास सही दस्तावेज, पहचान पत्र और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। यदि आपके पास पूरे कागज हैं, तो आप वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन या विशेष बीमारियों से ग्रस्त होने की स्थिति में रेलवे की रियायती स्कीमों का फायदा उठा सकते हैं और अपने सफर को बजट-फ्रेंडली बना सकते हैं।
दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा
भारतीय रेलवे दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष रियायतें प्रदान करता है। जो यात्री व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं, दृष्टिबाधित (Blind) हैं या किसी गंभीर शारीरिक विकलांगता से जूझ रहे हैं, उन्हें और उनके साथ चलने वाले एक सहायक (Helper) को टिकट में भारी छूट दी जाती है। कई श्रेणियों में यह यात्रा लगभग मुफ्त या नाममात्र के किराए पर उपलब्ध होती है, ताकि दिव्यांग यात्रियों को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
मानसिक रूप से बीमार यात्रियों के लिए रेलवे की खास सुविधा
भारतीय रेलवे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को यात्रा में विशेष राहत और रियायत प्रदान करता है। सुरक्षा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए, ऐसे यात्रियों के साथ एक परिचारक (Attender) का होना अनिवार्य है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रा के दौरान सरकारी अस्पताल के डॉक्टर द्वारा जारी वैध मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी होता है। इससे न केवल मरीज बल्कि उनके साथ जाने वाले व्यक्ति का सफर भी काफी सस्ता और सुविधाजनक हो जाता है।
कैंसर और टीबी रोगियों के लिए सफर होगा फ्री
भारतीय रेलवे कैंसर और टीबी (तपेदिक) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें किराए में विशेष छूट प्रदान करता है। इलाज के लिए अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके साथ रहने वाले एक अटेंडेंट (सहायक) को टिकट की कीमतों में भारी कटौती या कुछ मामलों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। यह कदम मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने और उन्हें समय पर बेहतर इलाज दिलाने में मदद करने के लिए उठाया गया है।
सीनियर सिटीजन के लिए भारतीय रेलवे के ये हैं नियम
भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के सम्मान और सुविधा के लिए टिकट के दामों में विशेष छूट प्रदान करता है। इस नियम के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों और 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला व ट्रांसजेंडर यात्रियों को रियायती दरों पर टिकट मिलता है। हालांकि यह यात्रा पूरी तरह मुफ्त नहीं होती, लेकिन किराए में अच्छी-खासी कटौती हो जाने से बुजुर्गों का सफर काफी किफायती हो जाता है। यात्रा के दौरान उम्र का सही प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड) पास रखना अनिवार्य है।
पढ़ाई के लिए ट्रेन सफर पर मिलेगी भारी छूट, जानें नियम
भारतीय रेलवे विद्यार्थियों की शिक्षा में मदद के लिए रेल किराए में रियायत की सुविधा देता है। इस नियम के अनुसार, छात्राओं को ग्रेजुएशन (स्नातक) तक और छात्रों को 12वीं कक्षा तक घर से स्कूल या कॉलेज आने-जाने के लिए टिकट पर छूट मिलती है। ध्यान रहे कि यह यात्रा पूरी तरह मुफ्त नहीं होती और इसका लाभ लेने के लिए छात्र के पास अपना वैध पहचान पत्र (ID Card) और शिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यह सुविधा मुख्य रूप से एमएसटी (MST) और मासिक पास पर लागू होती है ताकि छात्रों का दैनिक सफर सस्ता हो सके।
रेलवे कर्मचारियों को मिलते हैं फ्री पास और रियायती टिकट
भारतीय रेलवे अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए विशेष यात्रा सुविधाएं प्रदान करता है। इसके तहत कर्मचारियों को साल में एक निश्चित संख्या में प्रिविलेज पास (Privilege Pass) दिए जाते हैं, जिससे वे बिल्कुल मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा उन्हें पीटीओ (PTO) की सुविधा भी मिलती है, जिसमें टिकट के कुल किराए का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही देना होता है। यह लाभ कर्मचारी के अलावा उनके पति/पत्नी, बच्चों और आश्रित माता-पिता को भी मिलता है, बशर्ते वे तय की गई संख्या और नियमों के दायरे में आते हों।









