
आगरा में नए साल की शुरुआत के साथ ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्दी के इस सितम को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और अन्य सभी बोर्ड के कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लगातार तीन दिनों से छाए घने कोहरे और गिरते तापमान की वजह से यह फैसला लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों को इस जानलेवा सर्दी से बचाया जा सके।
आगरा में ‘जीरो विजिबिलिटी’ का अलर्ट
आगरा में बढ़ती ठिठुरन और जानलेवा सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद एम बंगारी ने कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश बढ़ाने का आदेश दिया है। शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में मामूली अंतर रहने के कारण लोगों को दिनभर भीषण गलन का अहसास हुआ।
मौसम का असर यातायात पर भी बुरी तरह पड़ा है; जहाँ घने कोहरे के कारण एयरफोर्स स्टेशन पर दृश्यता (Visibility) शून्य दर्ज की गई, वहीं अवध एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें साढ़े छह घंटे की देरी से चल रही हैं। बसों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है, हालांकि दोपहर में कोहरा छंटने से हवाई सेवाओं को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
दिनभर कोहरे की चादर और पारे में भारी गिरावट
आगरा में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ दिनभर छाए घने कोहरे की वजह से अधिकतम तापमान गिरकर 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले तीन दिनों तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसका अर्थ है कि अभी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। कोहरे के कारण ट्रेनों की भारी लेटलतीफी ने यात्रियों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं, जिससे स्टेशन पर लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
आगरा में ‘स्मॉग’ का कहर, 500 पहुँचा AQI
आगरा इस समय ठंड और जानलेवा प्रदूषण की दोहरी मार झेल रहा है। शुक्रवार को दिनभर छाई धुंध के कारण न केवल ठिठुरन बढ़ी, बल्कि हवा की गुणवत्ता भी बेहद ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुँच गई। धूलियागंज में AQI का स्तर 500 दर्ज किया गया, जबकि शहर के अन्य प्रमुख इलाकों में यह 350 के पार रहा।
इस जहरीली हवा और सर्दी के कारण लोगों को आँखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हो रही है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की तादाद अचानक बढ़ गई है। वहीं, जीरो विजिबिलिटी के कारण रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।









