
उत्तर प्रदेश में 32,000 कांस्टेबल पदों पर होने वाली आगामी भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हजारों अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अभियान छेड़कर अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट की मांग की है। छात्रों का तर्क है कि सामान्य वर्ग के लिए 18 से 22 वर्ष की सीमा बहुत कम है, जिससे सालों से तैयारी कर रहे युवा बिना परीक्षा दिए ही ‘ओवरएज’ हो गए हैं। अभ्यर्थियों ने हवाला दिया है कि हाल ही में निकली यूपी पुलिस SI भर्ती 2025 और पिछली 60 हजार कांस्टेबल भर्ती में भी छूट दी गई थी, तो फिर इस बार उनके साथ अन्याय क्यों?
UPP_Age_Relaxation के साथ सोशल मीडिया पर महाभियान
उत्तर प्रदेश के 32,000 से अधिक कांस्टेबल पदों के लिए अभ्यर्थी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर #Up_Constable_Pac_Age_Relaxation और #UPP_Age_Relaxation_3Years जैसे हैशटैग्स के साथ एक बड़ा डिजिटल कैंपेन चलाया जा रहा है। अभ्यर्थी लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) को टैग कर अपनी बात पहुँचा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान इस ओर खींचना है कि भर्ती में देरी और कोविड-19 के प्रभावों के कारण लाखों युवा अपनी योग्यता खो रहे हैं।
अखिलेश यादव का अभ्यर्थियों को समर्थन
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में आयु सीमा की छूट की मांग को अब राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अभ्यर्थियों की मांग का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की लचर नीतियों और भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण युवा ओवरएज हुए हैं, जिसका खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए। अखिलेश यादव ने सरकार से मांग की है कि वह अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देकर नए साल का तोहफा दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पुलिस भर्ती के हर अभ्यर्थी के संघर्ष के साथ खड़े हैं।
अभ्यर्थियों ने यूपी पुलिस भर्ती पर उठाए सवाल
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में उम्र की छूट को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सोशल मीडिया पर छात्र पड़ोसी राज्यों का उदाहरण देकर यूपी की भर्ती नीति को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। उनका तर्क है कि बिहार में 25 वर्ष, हरियाणा में 25 वर्ष और मध्य प्रदेश में तो 33 वर्ष तक की उम्र के युवा पुलिस भर्ती में शामिल हो सकते हैं, तो फिर उत्तर प्रदेश में ही 22 साल की उम्र में युवाओं को ‘ओवरएज’ क्यों मान लिया जाता है? अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले 7 सालों से PAC की भर्ती न आने की वजह से हज़ारों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
आयु सीमा के नियम तय, सामान्य वर्ग के पुरुषों के लिए अधिकतम 22 वर्ष
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने आगामी कांस्टेबल भर्ती के लिए आयु सीमा के कड़े मानक तय किए हैं। इस भर्ती में आयु की गणना 1 जुलाई 2025 के आधार पर की जाएगी। इस बार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले साल की तरह सभी वर्गों को एक साथ आयु सीमा में अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है। जहाँ आरक्षित वर्ग को नियमों के अनुसार 5 वर्ष की राहत मिली है, वहीं सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थी 22 वर्ष की उम्र के बाद आवेदन नहीं कर सकेंगे।
आयु सीमा का पूरा विवरण
- सामान्य वर्ग (पुरुष): 18 से 22 वर्ष।
- सामान्य वर्ग (महिला): 18 से 25 वर्ष।
- आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC): अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट (नियमों के अनुसार)।
- आयु गणना की तारीख: 1 जुलाई 2025।
- विशेष नोट: इस बार भर्ती बोर्ड की ओर से ‘एक्स्ट्रा एज रिलैक्सेशन’ का कोई प्रावधान नहीं है।
पदों का विवरण
कांस्टेबल पुलिस: 10,469
पीएसी: 15,131
महिला पीएससी : 2,282
एसएसएफ: 1,341
घुड़सवार: 71
जेल वार्डर: 3,279
महिला जेल वार्डर: 106
कुल = 32,679 पद
अब गलत उत्तर पर नहीं कटेंगे नंबर, निगेटिव मार्किंग हुई खत्म
योगी सरकार ने पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को एक बड़ी राहत दी है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल और जेल वार्डर के पदों पर होने वाली लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग (Negative Marking) की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पहले की व्यवस्था के अनुसार, अभ्यर्थियों को एक सही उत्तर देने पर 2 अंक मिलते थे, लेकिन गलत उत्तर देने पर 0.5 (आधा) अंक काट लिया जाता था। इस नए फैसले के बाद अब छात्र बिना किसी डर के सभी प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे, जिससे उनके चयन की संभावना और भी बढ़ सकती है।









