
हरियाणा सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें नई श्रेणियों की महिलाओं को भी शामिल किया है। योजना के तहत मिलने वाली 2100 रुपये की कुल राशि को अब दो हिस्सों में बांटा गया है: 1100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे, जबकि बाकी के 1000 रुपये सरकार फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या रेकरिंग डिपॉजिट में निवेश करेगी।
खास बात यह है कि इस जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज भी महिलाओं को ही मिलेगा और इसकी जानकारी हर महीने उन्हें एसएमएस (SMS) के जरिए दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं के वर्तमान खर्च के साथ-साथ उनके भविष्य के लिए बचत सुनिश्चित करना भी है।
होनहार बच्चों की माताओं को मिलेगा ‘लाडो लक्ष्मी’ का लाभ
हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि जिन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उनके बच्चों की मेहनत का इनाम अब उनकी माताओं को मिलेगा। यदि ऐसे परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों की 10वीं या 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, तो उनकी माताओं को भी इस योजना के तहत वित्तीय लाभ दिया जाएगा। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देगा, बल्कि छात्रों को शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
कुपोषण मुक्त बच्चों और मेधावी छात्रों की माताओं को मिलेंगे 2100 रुपये
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अब तक इस योजना के लिए 10 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 8 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। सरकार ने अब स्वास्थ्य और शिक्षा को योजना से जोड़ दिया है; यदि 1.80 लाख से कम आय वाले परिवार का कोई बच्चा कुपोषण या एनीमिया से उबरकर स्वस्थ (ग्रीन जोन) हो जाता है, तो उसकी माता को भी 2100 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, सरकारी स्कूल के होनहार बच्चों की माताओं को भी इस दायरे में शामिल किया गया है।









