
केंद्र सरकार ने तराई क्षेत्र के जिलों को एक बड़ी सौगात दी है। 240 किलोमीटर लंबी इस नई रेल परियोजना का काम शुरू हो गया है, जो संतकबीरनगर के खलीलाबाद को सीधे बहराइच से जोड़ेगी। इस रेल लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि श्रावस्ती में भी पहली बार रेल का सपना साकार हो जाएगा।
श्रावस्ती, जो कि एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थल है, वहाँ अभी तक रेल कनेक्टिविटी नहीं थी। इस कारण देश-विदेश के पर्यटकों को लखनऊ तक प्लेन से आने के बाद निजी साधनों से यात्रा करनी पड़ती थी। यह परियोजना बहराइच और आसपास के जिलों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आवागमन को आसान बना देगी।
बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन का निर्माण
करीब चार साल पहले, ज़िले के नेताओं ने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एक नई रेल लाइन बनाने की मांग की थी। इस मांग के बाद, सरकार ने श्रावस्ती को रेल लाइन से जोड़ते हुए बहराइच को एक बड़ा रेल हब बना दिया है। अब बहराइच से खलीलाबाद तक बनने वाली इस नई रेल लाइन के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है, और रेल लाइन का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
नई रेल लाइन को केंद्र सरकार से मिली हरी झंडी
खलीलाबाद से बहराइच होते हुए श्रावस्ती तक बनने वाली नई रेल लाइन को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है और इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस खबर से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। लोगों का मानना है कि इस लाइन के बनने से यहाँ के यात्री अब सीधे बड़े शहरों (महानगरों) तक की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। इतना ही नहीं, श्रावस्ती जाने वाली सभी ट्रेनें बहराइच से होकर गुजरेंगी, जिससे दोनों जिलों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण जल्द होगा शुरू
केंद्र सरकार ने जिस नई रेल लाइन के लिए बजट पहले ही मंज़ूर कर दिया था, उसका सर्वे और ज़मीन अधिग्रहण का काम अब पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इस नई रेल लाइन के बनने से पाँच ज़िलों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी मिल पाएगी।









