
महाराष्ट्र सरकार ने अब जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज़ मानने से मना कर दिया है। इसका मतलब है कि केवल आधार कार्ड दिखाकर अब जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। अगस्त 2023 में हुए अधिनियम संशोधन के बाद, सरकार ने यह फैसला लिया है और केवल आधार कार्ड के आधार पर बने सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह बताया कि यह कदम अवैध उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को रोकने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों पर कार्रवाई और नए सत्यापन निर्देश
इस फैसले के साथ ही, फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग ने अब सभी तहसीलदारों, उप-विभागीय अधिकारियों, जिला आयुक्तों और संभागीय आयुक्तों को सत्यापन के लिए 16-बिंदुओं वाले विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगे से केवल सही दस्तावेज़ों के आधार पर ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
Maharashtra | Aadhaar card will not be considered as a document for making a delayed birth certificate in the state and all birth certificates made only through the Aadhaar card after August 2023 amendment in Act will be cancelled. The government has taken this decision to stop… pic.twitter.com/Pogz4sAD6Y
— ANI (@ANI) November 28, 2025
यूपी में आधार कार्ड अब जन्मतिथि का प्रमाण नहीं
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं कि आधार कार्ड को अब किसी व्यक्ति की जन्म की तारीख का सबूत नहीं माना जाएगा। यह फैसला जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों को ज़्यादा सख्त और विश्वसनीय बनाने के लिए लिया गया है।
फर्जी दस्तावेज़ जारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, मंत्री ने उन अधिकारियों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं, जिन्होंने ये फर्जी दस्तावेज़ जारी किए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदक की जानकारी और आधार कार्ड की तारीख में कोई भी गड़बड़ी पाई गई, तो पुलिस केस दर्ज किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपने असली दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाता है, तो उसे भगोड़ा घोषित करके उसके खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।









