
अगर आपसे कोई कही की भारत में भीख मांगना अब गैर क़ानूनी हो गया है और अब से कोई भी व्यक्ति भीख नहीं मांग पाएगा तो आपको इस बात पर विश्वास नहीं होगा। लेकिन ये बात सच होने वाली है क्योंकि भारत में मिजोरम सरकार यह बड़ा फैसला लेने वाली है। आजकल भीख मांगने की एक सामाजिक बीमारी बन चुकी है और इस समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार नया कानून बना रही है जिसके तहत अब कोई भी भीख नहीं मांग पाएगा साथ ही इन लोगों को समाज में सम्मान मिल पाएगा।
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भीख मांगे पर लगा प्रतिबंध
मिजोरम में भले ही भिखरियों की संख्या कम है यहाँ पर आपको बहुत कम भीख मांगते हुए लोग दिखाई देंगे। यहाँ पर सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की है जो कि लोगों को भीख मांगने से रोकती है, इसके साथ ही चर्च भी हैं जो आर्थिक सहायता करते हैं।
लेकिन सरकार ने फिर भी यह फैसला लिया है। समाज कल्याण मंत्री ललरिनपुई ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार को ये डर है कि अगर एक बार नई रेल लाइन शुरू हो जाती है तो अन्य राज्य के भिखारी यहाँ आसानी से आ जाएंगे।
सरकार द्वारा इस खतरे को देखते हुए एक नया कानून, मिजोरम प्रोहिबिशन ऑफ बेग्गरी बिल 2025 को पास किया गया है जिसके तहत भीख मांगना गैर क़ानूनी होगा।
यह कानून कैसे काम करेगा?
नए कानून के तहत राज्य सरकार राज्य स्तरीय राहत बोर्ड और रिसीविंग सेंटर बनाने जा रही है। नए नियम लागू होने के बाद सरकार भिखारियों को पकड़कर उनके राज्यों में वापस भेजने का काम करेगी। ये जो केंद्र स्थापित किए जाएंगे उनमे 24 घंटे के लिए इन भिखारियों को रखा जाएगा इसके बाद उन्हें वापस उनके शहर भेजा जाएगा।
समाज कल्याण विभाग ने एक सर्वे किया जिसमें मिजोरम की राजधानी में 30 से अधिक भीख मांगने वाले लोग पाए गए जो कि ज्यादातर दूसरे राज्यों के हैं। यह फैसला भिखारियों के जीवन को सुधारने के लिए लिया गया है ताकि समाज में वे भी सम्मान के साथ रह सके।
