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Google Pay New Feature: अब बच्चों की पॉकेट मनी की टेंशन खत्म! बिना कैश दिए आपके अकाउंट से होगा पेमेंट, जानें कैसे काम करेगा ये फीचर

Google Pay का UPI Circle 'Pocket Money' फीचर लॉन्च: अब बच्चे बिना बैंक अकाउंट UPI पेमेंट कर सकेंगे। माता-पिता प्राइमरी यूजर बनकर मासिक लिमिट सेट करें या हर ट्रांजेक्शन अप्रूव करें। फुल/पार्शियल डेलिगेशन से खर्च कंट्रोल, अधिकतम 15,000 रुपये मंथली। NPCI-सुरक्षित, आसान सेटअप- कैश टेंशन खत्म!

By Pinki Negi

Google Pay New Feature: अब बच्चों की पॉकेट मनी की टेंशन खत्म! बिना कैश दिए आपके अकाउंट से होगा पेमेंट, जानें कैसे काम करेगा ये फीचर

भारत में डिजिटल पेमेंट क्रांति को नई ऊंचाई देने वाला Google Pay का UPI Circle फीचर अब ‘Pocket Money’ टूल के साथ और मजबूत हो गया है। इस नई सुविधा से माता-पिता बिना कैश दिए या बच्चों को अलग बैंक अकाउंट खुलवाए सीधे अपने अकाउंट से पॉकेट मनी ट्रांसफर कर सकेंगे। NPCI द्वारा समर्थित यह फीचर खासकर उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहां बच्चे या बुजुर्ग डिजिटल ट्रांजेक्शन सीख रहे हैं, लेकिन बैंकिंग की जटिलताओं से परेशान हैं।

पिछले हफ्ते लॉन्च हुए इस फीचर ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। वायरल मैसेजों में इसे स्कैम बताने की अफवाहें फैलीं, लेकिन Google Pay की ऑफिशियल सपोर्ट पेज और कई न्यूज रिपोर्ट्स इसे पूरी तरह सुरक्षित और वैध साबित करती हैं। UPI Circle में दो मुख्य यूजर टाइप हैं- प्राइमरी (जिसके पास बैंक अकाउंट है, जैसे माता-पिता) और सेकेंडरी (बच्चे या आश्रित)। प्राइमरी यूजर अधिकतम 5 सेकेंडरी यूजर्स को लिंक कर सकता है, बशर्ते उनका नंबर कांटेक्ट लिस्ट में हो और उनके पास GPay ऐप व UPI ID हो।

फीचर कैसे करता है कमाल?

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए Google ने दो डेलिगेशन ऑप्शन दिए हैं। पहला, फुल डेलीगेशन– यहां प्राइमरी यूजर मासिक लिमिट (अधिकतम 15,000 रुपये) सेट करता है। सेकेंडरी यूजर इस लिमिट के अंदर बिना अप्रूवल के पेमेंट कर सकता है, जैसे दुकान पर QR स्कैन या ऑनलाइन शॉपिंग। दूसरा, पार्शियल डेलीगेशन– हर ट्रांजेक्शन पर सेकेंडरी को प्राइमरी को रिक्वेस्ट भेजनी पड़ती है। प्राइमरी फोन अनलॉक कर UPI PIN डालकर अप्रूव करता है। प्रति ट्रांजेक्शन लिमिट 5,000 रुपये है, जो ओवरस्पेंडिंग रोकता है।

सेटअप बेहद आसान है

GPay ऐप खोलें, प्रोफाइल से UPI Circle पर जाएं। सेकेंडरी का नाम/नंबर सर्च करें या QR स्कैन करें। ‘Approve every payment‘ या ‘Set monthly limit’ चुनें, रिलेशनशिप (जैसे बेटा/बेटी) और ID डिटेल्स भरें। बैंक अकाउंट चुनकर PIN डालें और इनवाइट भेजें। सेकेंडरी OTP से कन्फर्म करता है। मर्चेंट पेमेंट के लिए QR स्कैन या ‘Request to pay’ ऑप्शन यूज होता है।

क्यों है गेम-चेंजर?

भारत में 80 करोड़ से ज्यादा UPI यूजर्स के बीच यह फीचर फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ावा देगा। माता-पिता बच्चों के खर्च ट्रैक कर सकेंगे, बिना कैश चोरी या फिजूलखर्ची की चिंता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बुजुर्गों और ग्रामीण इलाकों के लिए भी उपयोगी है। हालांकि, साइबर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि केवल भरोसेमंद लोगों को ही लिंक करें और रेगुलर मॉनिटरिंग रखें। Google Pay ने स्पष्ट किया कि सभी ट्रांजेक्शन NPCI गाइडलाइंस के तहत सुरक्षित हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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