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सोना-चांदी के दाम धड़ाम! ₹12,489 गिरा गोल्ड और ₹40,000 टूटी चांदी, युद्ध के बीच निवेशकों के लिए बड़ा मौका

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की आग में सोना-चांदी के दाम धड़ाम! ₹12,489/10g गिरा गोल्ड, ₹40,000/किलो टूटी सिल्वर। पारंपरिक सेफ-हेवन की उम्मीदें चूर, मजबूत डॉलर, 4.36% बॉन्ड यील्ड और तेल उछाल ने मार्केट को पलटा। मेरठ में 24k सोना ₹1,51,080। एक्सपर्ट्स: अप्रैल-मई में 20-40% रिकवरी संभव, लॉन्ग-टर्म खरीदें ETF. निवेशकों के लिए सुनहरा मौका?

By Pinki Negi

सोना-चांदी के दाम धड़ाम! ₹12,489 गिरा गोल्ड और ₹40,000 टूटी चांदी, युद्ध के बीच निवेशकों के लिए बड़ा मौका

पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच भड़के युद्ध की लपटें भले ही आसमान छू रही हों, लेकिन भारतीय सर्रफा बाजार में सोना-चांदी के भाव उल्टी दिशा में लुढ़क गए हैं। पारंपरिक धारणा के विपरीत, जहां जियोपॉलिटिकल संकट में ये कीमती धातुएं सुरक्षित निवेश बनकर चमकती हैं, यहां युद्ध के बीच ₹12,489 प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ सोना पिघल चुका है। चांदी तो ₹40,000 प्रति किलो से ज्यादा टूटकर धूल चाट रही है। एनालिस्ट्स हैरान हैं, निवेशक चौकन्ने। क्या यह गिरावट अस्थायी है या बाजार की नई हकीकत?

भावों का नया नजारा

27 फरवरी 2026 को IBJA रेट्स के मुताबिक सोना ₹1,59,097 (10 ग्राम) और चांदी ₹2,67,900 (किलो) पर बंद हुई थी। अगले दिन 28 फरवरी को युद्ध की आग भड़की, जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले बोले। उसके बाद 34 दिनों में भावों का यह नजारा देखिए- MCX पर जून गोल्ड ₹1,45,601 (₹4,503 गिरावट) और मई सिल्वर ₹2,25,999 (₹17,502 गिरावट) पर सिमट गया। मेरठ में 24 कैरेट सोना ₹15,108/ग्राम (₹1,51,080/10g) और चांदी ₹2,50,000/किलो तक लुढ़की। वैश्विक स्तर पर सोना $4,720/औंस और चांदी $73/औंस पर आ टिकी, जो $5,400 और $121 के हाई से करीब 25-40% नीचे है।

बाजार का चौंकाने वाला ट्विस्ट

ऑस्ट्रेलिया-ट्रेडिंग डॉट कॉम के सीईओ पीटर मैकगायर इसे बाजार का ‘चौंकाने वाला ट्विस्ट’ बता रहे हैं। कारण? अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.36% पर चढ़ी, जिससे निवेशक निश्चित आय वाली संपत्तियों की ओर दौड़े। मजबूत डॉलर ने विदेशी खरीदारों को महंगे सौदे थमा दिए। कच्चा तेल $109/बैरल पार कर गया, गैस फ्यूचर्स में भारी दांव लगे, तो लीवरेज्ड ट्रेडर्स ने सोना-चांदी के पोजीशन अनवाइंड कर प्रॉफिट बुक किया।

शेयर बाजारों की कमजोरी ने मार्जिन कॉल्स ट्रिगर किए, जहां निवेशकों ने धातुओं को बेचकर नुकसान भरा। युद्ध ने 12,000+ ईरानी टारगेट्स तबाह कर दिए, होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी दी, लेकिन सेफ-हेवन डिमांड की बजाय लिक्विडिटी क्राइसिस हावी हो गया।

ज्वेलर्स का उत्साह, निवेशक सतर्क

मेरठ जैसे शहरों में ज्वेलर्स उत्साहित हैं। “यह खरीदारी का स्वर्णिम मौका है,” कहते हैं स्थानीय व्यापारी। लॉन्ग-टर्म निवेशक गोल्ड ETF या सॉवरेन बॉन्ड्स पर नजर डाल रहे, जो टैक्स छूट देते हैं। मैकगायर की भविष्यवाणी है- अप्रैल-मई में एनर्जी उत्साह ठंडा पड़ने पर सोना-चांदी फिर चढ़ेंगे, शायद 20-40% रिकवरी के साथ। लेकिन सतर्क रहें, वोलेटिलिटी बरकरार है। युद्ध समाप्ति पर उछाल निश्चित, मगर डॉलर और यील्ड पर नजर रखें। क्या यह निवेशकों की किस्मत बदलेगा?

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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