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सावधान! AI छीन लेगा आपकी नौकरी? 90% बॉस कर्मचारियों को निकालने के लिए तैयार, रिपोर्ट में डरावना खुलासा

ResumeBuilder मार्च 2026 सर्वे: 90% US बिजनेस लीडर्स AI को मानव कर्मचारियों पर तरजीह देने को तैयार। टेक में 45,000 लेऑफ्स, Amazon ने 16,000 छंटनी की। AWS रेवेन्यू 600 अरब डॉलर तक। कर्मचारी चिंतित, अपस्किल जरूरी। कंपनियां AI ग्रोथ चुन रही, वर्कफोर्स घटाने को तैयार।

By Pinki Negi

सावधान! AI छीन लेगा आपकी नौकरी? 90% बॉस कर्मचारियों को निकालने के लिए तैयार, रिपोर्ट में डरावना खुलासा

दुनिया भर की कंपनियां AI की गोद में समा रही हैं। नई ResumeBuilder स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है- मार्च 2026 में अमेरिका के सैकड़ों बड़े बिजनेस लीडर्स के सर्वे से पता चला कि 10 में से 9 कंपनियां AI को मानव कर्मचारियों पर तरजीह देने को तैयार हैं। कंपनियां खुलकर तो नहीं कह रही, लेकिन अंदर ही अंदर AI से काम तेज-सस्ता करने की होड़ मच गई है। यह ट्रेंड न सिर्फ नौकरियों पर संकट ला रहा है, बल्कि कॉर्पोरेट कल्चर को भी बदल रहा है।

चौंकाने वाले आंकड़े

सर्वे के मुताबिक, अगर AI ज्यादा सक्षम हो गया, तो 90% कंपनियां वर्कफोर्स घटा देंगी। कई जगह attrition को भी हरी झंडी- कर्मचारी खुद जाएं, तो ठीक। ResumeBuilder की चीफ करियर एडवाइजर Stacie Haller कहती हैं, “यह सिर्फ कॉस्ट कटिंग नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूरी है।” कंपनियां जानबूझकर कर्मचारी असंतुष्टि का जोखिम ले रही हैं, क्योंकि AI इन्वेस्टमेंट अब टॉप प्रायोरिटी है।

Anthropic और Cognizant-Oxford रिपोर्ट्स भी यही पुष्टि करती हैं- 90% जॉब्स प्रभावित, हालांकि विस्थापन सिर्फ 9% तक। 2026 में टेक सेक्टर में 45,000 लेऑफ्स हो चुके, जिनमें 20% AI से सीधे जुड़े।

टेक जगत में दिखा असर

टेक इंडस्ट्री इसकी लीडर है। Dukaan जैसी भारतीय स्टार्टअप ने 90% कस्टमर सपोर्ट AI चैटबॉट से रिप्लेस कर दिया। अमेरिका में CEO ने 80% स्टाफ निकाल दिया, क्योंकि वे AI अपनाने को तैयार न थे। Amazon इसका ज्वलंत उदाहरण- हालिया 16,000 छंटनियां कीं, ताकि स्ट्रक्चर स्लिम हो। CEO Andy Jassy का दावा है, AI से AWS का रेवेन्यू 600 अरब डॉलर (करीब 55 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचेगा। Goldman Sachs रिपोर्ट चेताती है, 2026 में ऑटोमेशन हायरिंग पर भारी पड़ेगा। NBER स्टडी कहती है, 90% कंपनियों में AI से प्रोडक्टिविटी या जॉब्स में कोई बदलाव नहीं, फिर भी लेऑफ्स जारी।

कर्मचारियों की बढ़ती चिंता

रूटीन जॉब्स (डेटा एंट्री, सपोर्ट) सबसे खतरे में। व्हाइट-कॉलर वर्कर्स के लिए ‘ग्रेट रिसेशन’ जैसा संकट मंडरा रहा। भारत में 80% जॉब्स पर AI का खतरा बताया जा रहा, CEO तक असुरक्षित। जॉब मार्केट टाइट हो गया- नई नौकरी मिलना मुश्किल। 59% हायरिंग मैनेजर्स AI को लेऑफ का बहाना मानते हैं। हालांकि, स्किल्ड ट्रेड्स (प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन) सुरक्षित।

आगे की राह

स्टडी चेताती है- मुश्किल वक्त में कर्मचारियों से बुरा बर्ताव किया, तो फ्यूचर हायरिंग प्रभावित होगी। कर्मचारियों को AI स्किल्स (डेटा एनालिसिस, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग) सीखनी होंगी। 90% लीडर्स ऐसे टैलेंट चाहते। कंपनियों का ऑपरेशन मॉडल बदल रहा- इंसान+AI का दौर। भारत जैसे बाजार में अवसर भी हैं, लेकिन तैयारी जरूरी। कुल मिलाकर, AI नौकरी छीनने वाला नहीं, बदलने वाला है। सतर्क रहें, अपस्किल करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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