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ट्रेन के AC कोच में बिना टिकट एंट्री अब पड़ेगी भारी! रेलवे का ‘डिजिटल TTE’ ऐसे करेगा आपकी पहचान

भारतीय रेलवे ने अब 'डिजिटल टीटीई' प्रणाली लागू की है, जिसमें टिकट परीक्षक (TTE) अब Aadhaar-आधारित जैैविक पहचान और हैंडहल्ड टर्मिनल्स (HHT) का उपयोग करके यात्रियों की तथ्य की पुष्टि कर सकते हैं। इससे बिना टिकट यात्रा पकड़े जाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। यात्रियों को हमेशा सही टिकट सुनिश्चित करना चाहिए।

By Pinki Negi

ट्रेन के AC कोच में बिना टिकट एंट्री अब पड़ेगी भारी! रेलवे का 'डिजिटल TTE' ऐसे करेगा आपकी पहचान

रेलवे के ‘डिजिटल TTE’ और बिना टिकट यात्रा के नए नियमों के तहत अब AC कोच में बिना टिकट यात्रा करना यात्रियों के लिए बहुत महंगा साबित हो सकता है। भारतीय रेलवे ने टिकट कपा (TTE) कर्मियों के लिए नई डिजिटल प्रणाली लागू की है जिससे कि बिना टिकट यात्रा का पता लगाना और दंडात्मक कार्रवाई करना बहुत आसान हो गया है।

डिजिटल TTE और नई पहचान प्रणाली क्या है?

भारतीय रेलवे ने हाल ही में TTE (Train Travel Executive) कर्मचारियों के लिए डिजिटल हाजिरी प्रणाली और हैंड-हल्ड टर्मिनल्स (HHT) का उपयोग करके एक नई प्रौद्योगिकी लागू की है। इसमें TTE के पास अब हाथ में धरने योग्य डिवाइस (Handheld Terminals – HHT) होते हैं जो इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से सीधे रेलवे के डेटाबेस से जुड़े होते हैं ।

  • डिजिटल हाजिरी सिस्टम: मध्य रेलवे और अन्य जोनों में TTE के लिए डिजिटल उपस्थिति और कार्य निगरानी सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे उनके ड्यूटी टाइम और कार्य क्षेत्र की सटीक निगरानी संभव हो गई है ।
  • HHT (Hand Held Terminals): यह डिवाइस TTE को यात्रा के दौरान ही टिकट चेक करने, नए टिकट बुक करने और जुर्माना वसूलने की सुविधा देता है। इससे बिना टिकट यात्रियों की पहचान तुरंत संभव हो जाती है ।
  • ऑनलाइन जुर्माना: अब TTE चलती ट्रेन में ही ऑनलाइन जुर्माना वसूल सकते हैं, जिससे पकड़े जाने पर तुरंत भुगतान की सुविधा मिलती है ।

AC कोच में बिना टिकट यात्रा की सलाह

AC कोच में बिना टिकट यात्रा करने पर अब पकड़े जाने पर कड़ी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है।

  • जुर्माना और कार्रवाई: यदि आप AC कोच में बिना टिकट पकड़े जाते हैं, तो TTE आपको तुरंत जुर्माना वसूल सकता है। रेलवे के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर Rs 1000 तक का जुर्माना और/या 6 महीने की सजा हो सकती है।
  • पहचान की पुष्टि: डिजिटल उपकरणों के कारण, TTE अब यात्रियों की पहचान तुरंत कर सकता है और गलत यात्रा के सबूत एकत्र कर सकता है।
  • नया नियम: हाल की सूचनाओं के अनुसार, अब मोबाइल स्क्रीन पर दिखाए गए टिकट मान्य नहीं हैं; यात्रियों को भौतिक प्रतिलिपि (physical copy) रखना अनिवार्य है, विशेषकर AI द्वारा बनाए गए नकली टिकटों के कारण ।

बिना टिकट यात्रा के नए नियम और चेतावनी

  • फर्जी टिकटों से सावधान: अब AI और डिजिटल फर्जी टिकटों के कारण, रेलवे ने मोबाइल स्क्रीन पर दिखाए गए टिकटों को मान्य नहीं माना जाता है। यात्रियों को फिजिकल कॉपी रखनी होगी।
  • जुर्माना और सजा: बिना टिकट यात्रा करने पर Rs 1000 तक का जुर्माना और/या 6 महीने की सजा हो सकती है ।
  • सुविधाओं का लाभ: डिजिटल प्रणाली से यात्रियों को न केवल सही जानकारी मिलती है, बल्कि TTE की कार्यकुशलता भी बढ़ती है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहती है ।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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