
हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं । सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं । ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं—चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
5 मार्च 2026 को देश के अधिकांश शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और रेट स्थिर बने हुए हैं । पिछले कई महीनों से ईंधन की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है ।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 05 मार्च 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल रेट:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.72 | ₹87.62 |
| मुंबई | ₹104.21 | ₹92.15 |
| कोलकाता | ₹103.94 | ₹90.76 |
| चेन्नई | ₹100.75 | ₹92.34 |
| अहमदाबाद | ₹94.49 | ₹90.17 |
| बेंगलुरु | ₹102.92 | ₹89.02 |
| हैदराबाद | ₹107.46 | ₹95.70 |
| जयपुर | ₹104.72 | ₹90.21 |
| लखनऊ | ₹94.69 | ₹87.80 |
| पुणे | ₹104.04 | ₹90.57 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | ₹82.45 |
| इंदौर | ₹106.48 | ₹91.88 |
| पटना | ₹105.58 | ₹93.80 |
| सूरत | ₹95.00 | ₹89.00 |
| नासिक | ₹95.50 | ₹89.50 |
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है । हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं । राजस्थान में पेट्रोल की कीमत पिछले 3 महीनों से स्थिर बनी हुई है, जो कि 17 नवंबर 2025 से बिना किसी बदलाव के जारी है ।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें: पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है । जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है ।
- डॉलर के मुकाबले रुपया: भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है । यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है ।
- सरकारी टैक्स और शुल्क: केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं । यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है ।
- रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है । ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है ।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन: बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं । खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है ।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
- Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
- BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
- HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है । सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले । कीमतों में स्थिरता के कारण वाहन चालकों को बजट योजना बनाने में आसानी हो रही है ।









